ट्रंप-नेतन्याहू की अहम मुलाकात: ईरान, गाजा और लेबनान पर चर्चा, बैठक से पहले दिखी तल्खी
नई दिल्ली। इजरायल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu और अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump के बीच मंगलवार को व्हाइट हाउस में महत्वपूर्ण बैठक हुई। दोनों नेताओं के बीच करीब डेढ़ घंटे तक चली इस वार्ता में ईरान, गाजा, लेबनान और अब्राहम समझौतों समेत कई अहम क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर चर्चा हुई। ईरान के खिलाफ संयुक्त सैन्य अभियान शुरू होने के बाद यह दोनों नेताओं की पहली आमने-सामने की मुलाकात थी।
राजनीतिक जानकार इस बैठक को अमेरिका और इजरायल के संबंधों में हाल के महीनों में आई दूरी को कम करने की कोशिश के रूप में भी देख रहे हैं। हालांकि बैठक के दौरान व्हाइट हाउस के बाहर कुछ प्रदर्शनकारियों ने नेतन्याहू के खिलाफ नारेबाजी भी की।
दोनों नेताओं पर घरेलू दबाव
यह मुलाकात ऐसे समय हुई जब ट्रंप और नेतन्याहू दोनों अपने-अपने देशों में राजनीतिक चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। जहां नेतन्याहू को आगामी चुनावों और अमेरिका के साथ रिश्तों को लेकर आलोचनाओं का सामना करना पड़ रहा है, वहीं ट्रंप पर भी क्षेत्रीय संघर्ष को समाप्त करने और आर्थिक दबाव कम करने का दबाव बढ़ रहा है।
ईरान पर क्या हुई चर्चा?
बैठक से जुड़े एक इजरायली अधिकारी के अनुसार, नेतन्याहू ने ट्रंप से कहा कि यदि ईरान इजरायल पर हमला करता है तो उसका जवाब दिया जाएगा, लेकिन आगे की रणनीति को लेकर वे अमेरिकी नेतृत्व के निर्णय का सम्मान करेंगे।
बैठक के बाद नेतन्याहू ने कहा कि दोनों देशों के बीच साझेदारी मजबूत है और दोनों इस बात पर सहमत हैं कि ईरान को परमाणु हथियार हासिल नहीं करने दिए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि वार्ता केवल औपचारिक नहीं थी, बल्कि साझा लक्ष्यों और रणनीतिक सहयोग पर केंद्रित थी।
बैठक से पहले क्यों नाराज हुए ट्रंप?
बैठक से पहले ट्रंप ने उन खबरों पर असंतोष जताया जिनमें दावा किया गया था कि नेतन्याहू ईरान की एक संवेदनशील परमाणु साइट से जुड़ी खुफिया जानकारी पर सार्वजनिक चर्चा करने वाले हैं। ट्रंप ने कहा कि इस तरह की सूचनाओं को सार्वजनिक करने की आवश्यकता नहीं है और उन्होंने इस मुद्दे पर अपनी नाराजगी भी जाहिर की।
इसके जवाब में इजरायली पक्ष ने स्पष्ट किया कि दोनों देशों के बीच खुफिया सहयोग जारी रहेगा, लेकिन अमेरिका की अपनी रणनीतिक प्राथमिकताओं और क्षेत्रीय हितों का भी सम्मान किया जाएगा।
लेबनान और अब्राहम समझौतों पर भी हुई बातचीत
बैठक में लेबनान की सुरक्षा स्थिति और वहां की सेना की भूमिका पर चर्चा हुई। साथ ही अब्राहम समझौतों के दायरे को और विस्तारित करने पर भी विचार-विमर्श किया गया। इन समझौतों के तहत कई अरब देशों ने इजरायल के साथ राजनयिक संबंध स्थापित किए हैं।
गाजा को लेकर नई रणनीति
सूत्रों के मुताबिक, गाजा में युद्धविराम और स्थिरता बनाए रखने के लिए संभावित अंतरराष्ट्रीय बल की तैनाती पर भी चर्चा हुई। प्रस्तावित योजना के तहत कुछ देशों के सैनिकों को सीमित क्षेत्रों में तैनात करने पर विचार किया जा रहा है, हालांकि इस दिशा में अभी कई स्तरों पर सहमति बनना बाकी है।
अमेरिका में घट रहा समर्थन
गाजा संघर्ष के चलते अमेरिका में इजरायल के प्रति जनसमर्थन में कमी आने की खबरें भी सामने आई हैं। इसी पृष्ठभूमि में व्हाइट हाउस के बाहर प्रदर्शनकारियों ने नेतन्याहू के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया और उनकी नीतियों की आलोचना की।
रिश्तों में सहयोग भी, मतभेद भी
विश्लेषकों का मानना है कि ट्रंप और नेतन्याहू के रिश्ते वर्षों से सहयोग और मतभेद दोनों के दौर से गुजरते रहे हैं। ईरान को लेकर दोनों देशों के साझा हित हैं, लेकिन भविष्य की सैन्य और कूटनीतिक रणनीति को लेकर कुछ मुद्दों पर अलग-अलग दृष्टिकोण भी सामने आए हैं।
बैठक के बाद दोनों नेताओं ने क्षेत्रीय सुरक्षा, आतंकवाद से मुकाबला और मध्य पूर्व में स्थिरता बनाए रखने के लिए मिलकर काम करने की प्रतिबद्धता दोहराई।
