भोपाल में किसानों का बड़ा प्रदर्शन, CM हाउस मार्च की तैयारी; मूंग खरीदी और खाद व्यवस्था पर अड़े आंदोलनकारी

भोपाल में किसानों का बड़ा प्रदर्शन, CM हाउस मार्च की तैयारी; मूंग खरीदी और खाद व्यवस्था पर अड़े आंदोलनकारी

नई दिल्ली। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में किसानों का आंदोलन बुधवार को और तेज हो गया। किसान क्रांति पैदल यात्रा के तहत बड़ी संख्या में किसान भोपाल पहुंच चुके हैं और अब मुख्यमंत्री आवास की ओर मार्च करने की तैयारी में हैं। आंदोलनकारी किसानों की मुख्य मांग मूंग फसल की शत-प्रतिशत सरकारी खरीद और खाद वितरण व्यवस्था में सुधार की है।

मंगलवार देर रात कृषि मंत्री एदल सिंह कंसाना ने किसान प्रतिनिधियों से बातचीत कर समाधान निकालने का प्रयास किया, लेकिन वार्ता बेनतीजा रही। इसके बाद किसानों ने आंदोलन जारी रखने और मुख्यमंत्री आवास की ओर कूच करने का ऐलान कर दिया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक वे धरना समाप्त नहीं करेंगे।

किसानों का आरोप है कि सरकार ने मूंग उत्पादन बढ़ाने के लिए उन्हें प्रोत्साहित किया, लेकिन अब फसल खरीदने से पीछे हट रही है। उनका दावा है कि इस वजह से किसानों को प्रति एकड़ 10 से 12 हजार रुपये तक का नुकसान उठाना पड़ रहा है। किसानों ने केंद्र और राज्य सरकारों पर एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डालने का आरोप भी लगाया।

आंदोलन में बड़ी संख्या में युवा किसान शामिल हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि इस बार आंदोलन की अगुवाई नई पीढ़ी के किसान कर रहे हैं, जो अपने अधिकारों के लिए संगठित होकर आवाज उठा रहे हैं। उनका दावा है कि यदि जरूरत पड़ी तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।

जानकारी के अनुसार, भोपाल पहुंचने से पहले किसान पिछले 25 दिनों से विभिन्न जिला मुख्यालयों पर धरना दे रहे थे। उनका आरोप है कि स्थानीय प्रशासन और जनप्रतिनिधियों ने उनकी समस्याओं को गंभीरता से नहीं लिया। वर्तमान आंदोलन में नर्मदापुरम संभाग समेत आसपास के करीब एक दर्जन जिलों के किसान शामिल हैं।

किसानों ने कुल आठ मांगें सरकार के सामने रखी हैं, हालांकि वार्ता के लिए बनाए गए प्रतिनिधिमंडल ने दो प्रमुख मांगों को सबसे अहम बताया है। पहली मांग मूंग फसल की 100 प्रतिशत खरीद सुनिश्चित करने की है, जबकि दूसरी मांग खाद वितरण में लागू टोकन व्यवस्था को समाप्त करने की है।

किसान आंदोलन के मद्देनजर भोपाल में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। कई स्थानों पर पुलिस बल तैनात किया गया है और यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए रूट डायवर्जन लागू किया गया है। कुछ स्कूलों में भी एहतियातन अवकाश घोषित किया गया है।

मंगलवार को विभिन्न जिलों की सीमाओं पर लगाए गए बैरिकेड्स पार कर सैकड़ों किसान भोपाल पहुंचे और होशंगाबाद रोड पर धरने पर बैठ गए। रातभर प्रदर्शन जारी रहा। किसानों ने सड़क किनारे ही भोजन तैयार किया और स्पष्ट किया कि मांगें पूरी होने तक वे आंदोलन जारी रखेंगे।

किसानों के प्रदर्शन के कारण भोपाल के कई इलाकों में यातायात प्रभावित हुआ है। प्रशासन ने लोगों से वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करने की अपील की है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।