SIR विवाद के बीच अब राज ठाकरे बोले, ‘ज्ञानेश कुमार जैसे लोगों का…’

SIR विवाद के बीच अब राज ठाकरे बोले, ‘ज्ञानेश कुमार जैसे लोगों का…’

महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) के अध्यक्ष राज ठाकरे ने शुक्रवार (25 सितंबर) को मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान को रद्द करने की मांग की. इसके साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी ने 2025 से इसे एक हथियार के रूप में इस्तेमाल किया है. उन्होंने एसआईआर प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं की जांच की मांग की. इसके साथ ही विपक्षी दलों से इस मुद्दे को लेकर एकजुट होने की भी अपील की.

राज ठाकरे ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि एसआईआर प्रक्रिया नए सिरे से शुरू की जानी चाहिए. उन्होंने कहा, ‘‘यह स्पष्ट हो गया है कि भारतीय जनता पार्टी ने सत्ता पर अपनी पकड़ लगातार बनाए रखने के लिए ज्ञानेश कुमार जैसे लोगों का इस्तेमाल किया. इसी उद्देश्य से उसने 2025 से एक नया हथियार एसआईआर अपनाया है.’’

EVM के बजाय मतपत्रों के जरिए कराए जाएं चुनाव- राज ठाकरे

MNS प्रमुख ने आगे कहा ने कहा, ‘‘एसआईआर में अनियमितताएं सामने आने और यहां तक कि निर्वाचन आयुक्तों के भी इनके बारे में बोलने के बाद केवल एक ही निष्कर्ष निकलता है कि पूरी SIR प्रक्रिया को रद्द किया जाना चाहिए.’’ MNS प्रमुख ने कहा कि इस मुद्दे पर देश के सभी विपक्षी दलों को एकजुट होने की जरूरत है. उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित करने के लिए बड़े पैमाने पर आंदोलन शुरू किया जाना चाहिए कि भविष्य में चुनाव इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) के बजाय मतपत्रों के जरिए कराए जाएं.

‘SIR प्रक्रिया में अनियमितताओं की जांच से सच्चाई सामने आएगी’

उन्होंने एसआईआर प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं की जांच की मांग की. ठाकरे ने कहा कि ऐसा होने पर ही सत्ता पर ‘‘लंबे समय से बनी पकड़’’ के पीछे की सच्चाई सामने आएगी. विपक्षी दल, निर्वाचन आयोग के शीर्ष अधिकारियों के बीच अहम चुनावी फैसलों को लेकर कथित मतभेदों के कारण मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं.

यह मांग अखबार ‘इंडियन एक्सप्रेस’ की एक खबर के आधार पर की गई है, जिसमें बताया गया है कि निर्वाचन आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने मतदाता सूची से जुड़े फैसलों पर आपत्ति जताई थी.

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