सीएम डैशबोर्ड की समीक्षा में मंडलायुक्त सख्त, C-D रैंक वाले विभागों को सुधार के निर्देश

सीएम डैशबोर्ड की समीक्षा में मंडलायुक्त सख्त, C-D रैंक वाले विभागों को सुधार के निर्देश

सहारनपुर: मंडलायुक्त डॉ. रूपेश कुमार की अध्यक्षता में शुक्रवार को सीएम डैशबोर्ड पर विकास कार्यों, कर-करेत्तर एवं राजस्व कार्यों, चकबंदी, लंबित वादों और कानून व्यवस्था की वर्चुअल समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में मंडल के सहारनपुर, मुजफ्फरनगर और शामली जिलों में विभिन्न योजनाओं की प्रगति और रैंकिंग की विस्तार से समीक्षा की गई।

समीक्षा के दौरान कई योजनाओं में सहारनपुर, मुजफ्फरनगर और शामली को सी तथा डी श्रेणी मिलने पर मंडलायुक्त ने नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने सभी विभागों को सीएम डैशबोर्ड पर सर्वोच्च रैंकिंग हासिल करने के लिए गंभीरता से प्रयास करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सी और डी श्रेणी वाले विभाग अपनी कार्यशैली में सुधार लाएं, जबकि ए श्रेणी प्राप्त विभाग अपनी रैंकिंग को लगातार बनाए रखें।

सी और डी श्रेणी पर जताई नाराजगी

बैठक में डे-एनआरएलएम आरएफ-सीआईएफ में सहारनपुर को सी श्रेणी, जननी सुरक्षा योजना में मंडल के तीनों जिलों को सी श्रेणी, फैमिली आईडी में सहारनपुर और मुजफ्फरनगर को सी श्रेणी मिली। इसी तरह एसबीएम ग्रामीण फेज-2 के व्यक्तिगत शौचालय निर्माण में सहारनपुर और शामली सी श्रेणी में रहे।

राज्य योजना में सहारनपुर और मुजफ्फरनगर को डी श्रेणी, आईसीडीएस पोषण अभियान में मुजफ्फरनगर व शामली को सी तथा सहारनपुर को डी श्रेणी और मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में मंडल के तीनों जिलों को डी श्रेणी प्राप्त होने पर मंडलायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए।

आईजीआरएस में कोई शिकायत डिफाल्टर न हो

मंडलायुक्त ने आईजीआरएस पोर्टल पर आने वाली शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निस्तारण पर विशेष जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि कोई भी प्रकरण डिफाल्टर श्रेणी में नहीं जाना चाहिए। शिकायत का निस्तारण करने के बाद शिकायतकर्ता से बातचीत कर यह भी सुनिश्चित किया जाए कि वह समाधान से संतुष्ट है या नहीं।

उन्होंने कहा कि यदि शिकायतकर्ता की ओर से संतोषजनक फीडबैक नहीं मिलता है तो संबंधित अधिकारी स्वयं मौके पर जाकर स्थलीय निरीक्षण करें।

फैमिली आईडी और बिजली बिल सुधार पर विशेष जोर

फैमिली आईडी की प्रगति की समीक्षा करते हुए मंडलायुक्त ने सभी अधिशासी अधिकारियों की अलग से बैठक आयोजित करने के निर्देश दिए। वहीं विद्युत बिलों में सुधार के मामलों में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरतने को कहा। उन्होंने अधिकारियों को समयबद्धता और गुणवत्ता के साथ शिकायतों का निस्तारण करने के निर्देश दिए।

पीएम किसान सम्मान निधि से संबंधित कोई भी प्रकरण लंबित नहीं रहने देने और निराश्रित महिला पेंशन के मामलों में भी तेजी लाने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि समय सीमा के भीतर आने वाले लंबित प्रकरणों का भी प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण कराया जाए।

आईटीआई छात्रों को स्थानीय उद्योगों से जोड़ने की तैयारी

पीएम सेतु योजना के तहत आईटीआई छात्रों की शैक्षिक और रोजगारपरक गुणवत्ता सुधारने पर भी चर्चा हुई। मंडलायुक्त ने कहा कि स्थानीय उद्योगों की जरूरत के अनुसार पाठ्यक्रम तैयार किए जाएं और एडवांस ट्रेनिंग के माध्यम से छात्रों को उद्योगों की मांग के अनुरूप तैयार किया जाए।

उन्होंने उप निदेशक आईटीआई को जनपदवार कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। साथ ही उद्यमियों का सहयोग लेने और उद्योगों के साथ समन्वय बढ़ाने पर जोर दिया। एनएपीएस योजना के तहत आईटीआई उत्तीर्ण छात्रों का विभागीय स्तर पर पंजीकरण कर उन्हें उद्योगों की जरूरत के अनुसार प्रशिक्षित करने के निर्देश भी दिए गए।

राजस्व वसूली में तेजी लाने के निर्देश

राजस्व एवं कर-करेत्तर की समीक्षा में स्टाम्प, आबकारी, जीएसटी, खनन, परिवहन, वन, नगर विकास और ऊर्जा विभाग को निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप राजस्व वसूली सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

मंडलायुक्त ने 3 से 5 वर्ष पुराने राजस्व वादों का जल्द निस्तारण करने को कहा। साथ ही चारागाह की भूमि को कब्जामुक्त कराने के लिए अभियान चलाने और भूमि की पैमाइश रोवर के माध्यम से कराने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना, अंश संशोधन और पीएम स्वनिधि योजना से जुड़े प्रकरणों का शत-प्रतिशत निस्तारण सुनिश्चित करने को कहा गया। चकबंदी के मामलों में विशेष रूप से तीन वर्ष पुराने वादों को जल्द निपटाने और ग्रामवार समीक्षा बैठकों की अनुपालन आख्या उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।

मंडलायुक्त ने बड़े बकायादारों की समीक्षा कर उनसे जल्द से जल्द राजस्व वसूली कराने पर भी जोर दिया।

सेवा संकल्प अभियान की रोजाना रिपोर्ट देने के निर्देश

सेवा संकल्प अभियान के तहत सभी विभागों को पोर्टल पर सूचनाएं समय से फीड करने और प्रतिदिन रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। फसल बीमा योजना को जनपदों में प्रोत्साहित करने तथा वीबी जी राम जी योजना के लंबित भुगतानों का शीघ्र निस्तारण करने को भी कहा गया।

बैठक में जिलाधिकारी सहारनपुर अरविन्द कुमार चौहान, जिलाधिकारी मुजफ्फरनगर उमेश मिश्रा, जिलाधिकारी शामली आलोक कुमार, मुख्य विकास अधिकारी सहारनपुर डॉ. सुनील कुमार वर्मा सहित मंडल एवं तीनों जनपदों के विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

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