ईरान युद्ध पर ट्रंप की रूस-चीन को चेतावनी, बोले- ‘अगर तेहरान का साथ दिया तो परिणाम अच्छे नहीं होंगे’
नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में ईरान को लेकर जारी तनाव के बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस और चीन को कड़ी चेतावनी दी है। ट्रंप ने कहा कि उन्हें नहीं लगता कि दोनों देश ईरान के साथ युद्ध में शामिल हैं, लेकिन यदि उन्होंने तेहरान का सैन्य समर्थन किया तो इसके गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं।
ट्रुथ सोशल पर ट्रंप का बयान
डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट साझा करते हुए दावा किया कि चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने बीजिंग में हुई मुलाकात के दौरान उन्हें भरोसा दिलाया था कि चीन किसी भी परिस्थिति में ईरान को हथियार नहीं देगा और न ही उसकी कंपनियां ऐसा करेंगी।
ट्रंप ने लिखा कि दोनों देशों के रिश्तों को देखते हुए उन्हें शी जिनपिंग के इस आश्वासन पर भरोसा है। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका और चीन के बीच कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर सहयोग जारी है।
रूस को लेकर भी किया दावा
राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भी उन्हें आश्वस्त किया है कि रूस ईरान को हथियार नहीं बेचेगा। ट्रंप ने यूक्रेन युद्ध का जिक्र करते हुए कहा कि उनकी पुतिन और यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की दोनों से बातचीत होती रही है।
उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका सीधे यूक्रेन को हथियार नहीं बेचता, बल्कि नाटो देशों को हथियार उपलब्ध कराता है। इसके बाद वे देश उन हथियारों का इस्तेमाल या वितरण कैसे करते हैं, यह उनका निर्णय होता है।
‘ईरान का साथ देना किसी के हित में नहीं’
ट्रंप ने कहा कि जिन दो देशों—रूस और चीन—का नाम अक्सर ईरान के संदर्भ में लिया जाता है, उनकी जानकारी के अनुसार वे इस संघर्ष में शामिल नहीं हैं। हालांकि उन्होंने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि यदि भविष्य में दोनों देशों ने ईरान का साथ देने का फैसला किया, तो यह उनके लिए “बहुत बुरा” साबित होगा और उनके अपने हित में भी नहीं होगा।
ट्रंप का यह बयान ऐसे समय आया है, जब पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और ईरान को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार कूटनीतिक गतिविधियां तेज हैं।
