‘अब भाजपाई कहलाने से लोग चिढ़ रहे हैं…’, जंतर-मंतर आंदोलन का वीडियो शेयर कर अखिलेश यादव का बीजेपी पर हमला
नई दिल्ली। NEET-UG पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर जारी प्रदर्शन को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने आंदोलन का एक वीडियो सोशल मीडिया पर साझा करते हुए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर तीखा हमला बोला। उन्होंने दावा किया कि अब हालात ऐसे हो गए हैं कि लोग ‘भाजपाई’ कहलाने से भी असहज महसूस कर रहे हैं।
अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “ये भी अजब बात है कि एक तरफ बीजेपी और उसके संगी-साथी अपने लोगों को प्रदर्शनकारियों के बीच भेजकर युवाओं को बदनाम करने में लगे हैं, वहीं दूसरी तरफ जब उन्हें ‘भाजपाई’ कहा जाता है तो वे खुद ही चिढ़ जाते हैं।”
बीजेपी पर लगाए कई गंभीर आरोप
सपा प्रमुख ने अपने लंबे पोस्ट में भाजपा पर कई मुद्दों को लेकर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि अयोध्या में कथित चढ़ावा चोरी का मामला, दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान छात्राओं के साथ दुर्व्यवहार, देशभर में युवाओं पर कार्रवाई, मुंबई में आंदोलनकारियों को झूठे मामलों में फंसाने की धमकियां और लखनऊ अग्निकांड के पीड़ित परिवारों के साथ कथित असंवेदनशील व्यवहार जैसे मामलों ने जनता का भरोसा तोड़ा है।
उनका दावा था कि इन घटनाओं के कारण भाजपा समर्थकों में भी निराशा बढ़ी है और लोग पार्टी से दूरी बनाने लगे हैं।
‘समर्थक भी अब खुलकर बचाव नहीं कर रहे’
अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा के “Paid और Unpaid समर्थक” भी अब पहले की तरह पार्टी का बचाव करने के लिए आगे नहीं आ रहे हैं। उन्होंने लिखा कि जनाक्रोश बढ़ने के कारण कई समर्थक सार्वजनिक रूप से पार्टी का पक्ष लेने से बच रहे हैं और सोशल मीडिया समूहों में भी पहले जैसी सक्रियता नहीं दिख रही है।
10-12 साल की राजनीति पर उठाए सवाल
सपा अध्यक्ष ने कहा कि पिछले एक दशक में भाजपा के कट्टर समर्थकों ने हर मुद्दे पर पार्टी का बचाव किया, लेकिन अब वे स्वयं असहज महसूस कर रहे हैं। उनके अनुसार, कई समर्थकों को अब यह एहसास हो रहा है कि जिन नीतियों और फैसलों का वे बचाव करते रहे, वे गलत साबित हुए।
लोकतंत्र, शिक्षा और कानून व्यवस्था पर भी साधा निशाना
अपने पोस्ट में अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने, सरकारी एजेंसियों के दुरुपयोग, शिक्षा और भर्ती प्रक्रियाओं में कथित अनियमितताओं, महंगाई, भ्रष्टाचार, विपक्ष के खिलाफ झूठे मुकदमे दर्ज कराने, बुलडोजर और एनकाउंटर की कथित राजनीति तथा आरक्षण और संविधान से जुड़े मुद्दों पर भी गंभीर आरोप लगाए।
उन्होंने दावा किया कि इन घटनाओं के कारण भाजपा का वास्तविक चेहरा अब उसके समर्थकों के सामने भी आ चुका है और यही वजह है कि पार्टी के लिए मौजूदा समय राजनीतिक रूप से कठिन दौर साबित हो रहा है।
