मिशन 2027 की तैयारी में सपा, सितंबर से निकलेगी ‘समाजवादी पीडीए रथ यात्रा’; बीजेपी ने कसा तंज
नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर राजनीतिक दलों ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में समाजवादी पार्टी (सपा) सितंबर के पहले सप्ताह से ‘समाजवादी पीडीए रथ यात्रा’ शुरू करने की तैयारी में है। पार्टी का लक्ष्य इस यात्रा के जरिए प्रदेश के सभी जिलों और विधानसभा क्षेत्रों तक पहुंचकर संगठन को मजबूत करना और जनता से सीधा संवाद स्थापित करना है।
पार्टी सूत्रों के अनुसार, यात्रा की शुरुआत किसी प्रमुख धार्मिक स्थल से किए जाने पर विचार किया जा रहा है। हालांकि, अंतिम निर्णय सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव लेंगे। माना जा रहा है कि धार्मिक स्थल से यात्रा की शुरुआत कर पार्टी भाजपा को राम मंदिर चढ़ावा मामले समेत अन्य मुद्दों पर घेरने की रणनीति बना सकती है।
सभी जिलों और विधानसभा क्षेत्रों तक पहुंचेगी यात्रा
एबीपी न्यूज़ से बातचीत में सपा प्रवक्ता फखरुल हसन चांद ने बताया कि जिलेवार बैठकों के पूरा होने के बाद सितंबर के पहले सप्ताह में रथ यात्रा का शुभारंभ किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव स्वयं प्रदेश के सभी जिलों और विधानसभा क्षेत्रों में जाएंगे।
यात्रा की शुरुआत को लेकर उन्होंने कहा कि अंतिम फैसला राष्ट्रीय अध्यक्ष करेंगे। उन्होंने यह भी दावा किया कि यात्रा विभिन्न धर्मों के प्रमुख धार्मिक स्थलों से होकर गुजरेगी।
बीजेपी के आरोपों का सपा ने दिया जवाब
सपा प्रवक्ता ने भाजपा द्वारा समाजवादी पार्टी को सनातन विरोधी बताए जाने के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि भाजपा नेताओं के धार्मिक मुद्दों पर दिए गए पुराने बयान जनता के सामने हैं। उन्होंने राम मंदिर से जुड़े कथित चढ़ावा विवाद का भी उल्लेख करते हुए कहा कि इस मुद्दे पर लोग जवाब चाहते हैं।
साथ ही उन्होंने 2011 में निकली अखिलेश यादव की रथ यात्रा का जिक्र करते हुए दावा किया कि उसके बाद 2012 में सपा की सरकार बनी थी और पार्टी को उम्मीद है कि 2027 में भी जनता उसे बहुमत देगी।
केशव प्रसाद मौर्य का पलटवार
समाजवादी पार्टी की प्रस्तावित रथ यात्रा पर उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि कोई भी दल रथ यात्रा, पदयात्रा या साइकिल यात्रा निकाल सकता है, लेकिन लोकतंत्र में अंतिम फैसला जनता करती है।
मौर्य ने दावा किया कि जनता अब केवल प्रतीकों से नहीं, बल्कि सरकार के कामकाज और नेतृत्व के आधार पर निर्णय लेती है। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी को प्रदेश की जनता का व्यापक समर्थन प्राप्त है और 2027 के विधानसभा चुनाव में भी भाजपा सरकार बनाने का विश्वास रखती है।
उत्तर प्रदेश में 2027 के चुनाव से पहले राजनीतिक गतिविधियां तेज होती जा रही हैं। ऐसे में सपा की प्रस्तावित पीडीए रथ यात्रा और उस पर भाजपा की प्रतिक्रिया आने वाले समय में प्रदेश की राजनीति को और गर्मा सकती है।
