श्रीकृष्ण पर मौलाना के बयान से बढ़ा विवाद, साधु-संतों ने जताई कड़ी आपत्ति

श्रीकृष्ण पर मौलाना के बयान से बढ़ा विवाद, साधु-संतों ने जताई कड़ी आपत्ति

नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश के इटावा में एक धार्मिक सभा के दौरान मौलाना जरजिश द्वारा भगवान श्रीकृष्ण को लेकर दिए गए कथित बयान के बाद विवाद गहरा गया है। इस बयान पर कई साधु-संतों ने कड़ी आपत्ति जताते हुए तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है।

स्वामी शांडिल्य महाराज ने जताई नाराजगी

श्रृंगवेरपुर पीठाधीश्वर स्वामी शांडिल्य महाराज ने मौलाना जरजिश के कथित बयान की आलोचना करते हुए कहा कि किसी भी धर्म के आराध्य के बारे में इस तरह की टिप्पणी करना उचित नहीं है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि कोई दूसरे धर्म के पूजनीय व्यक्तित्वों के बारे में इसी प्रकार की टिप्पणी करे तो उसकी प्रतिक्रिया क्या होगी। उन्होंने कहा कि सनातन परंपरा भारत की प्राचीन धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत का आधार है और उसके प्रति सम्मान बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है।

स्वामी शांडिल्य महाराज ने मौलाना को इतिहास का अध्ययन करने की सलाह देते हुए कहा कि धार्मिक विषयों पर बयान देते समय संयम और तथ्यों का ध्यान रखना चाहिए।

जूना अखाड़े के महामंडलेश्वर ने भी दी प्रतिक्रिया

जूना अखाड़े के महामंडलेश्वर स्वामी शैलेशानंद महाराज ने भी इस विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि ऐसे बयान केवल अनावश्यक विवाद पैदा करते हैं। उनके अनुसार धार्मिक विषयों पर सनसनीखेज टिप्पणियों से समाज में भ्रम और तनाव बढ़ता है।

उन्होंने कहा कि विभिन्न धर्मों और परंपराओं के प्रति सम्मान बनाए रखना आवश्यक है तथा किसी भी समुदाय के धार्मिक प्रतीकों पर विवादित टिप्पणी से बचना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे मामलों में संबंधित समाज और धार्मिक विद्वानों को आगे आकर संयमित और जिम्मेदार संवाद को बढ़ावा देना चाहिए।

बयान के बाद बढ़ी राजनीतिक और धार्मिक चर्चा

मौलाना जरजिश के कथित बयान के बाद यह मामला चर्चा का विषय बन गया है। इस मुद्दे पर अलग-अलग धार्मिक संगठनों और नेताओं की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। फिलहाल इस विवाद को लेकर विभिन्न पक्षों के बीच बयानबाजी जारी है।