राम मंदिर विवाद के बाद दान देने के तरीके में बदलाव, रसीद को प्राथमिकता दे रहे श्रद्धालु

राम मंदिर विवाद के बाद दान देने के तरीके में बदलाव, रसीद को प्राथमिकता दे रहे श्रद्धालु
रशीद काउन्टर

अयोध्या। राम मंदिर में चढ़ावा चोरी का मामला सामने आने के बाद श्रद्धालुओं के दान देने के तरीके में बदलाव देखने को मिल रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, कई श्रद्धालु अब दानपात्र में नकदी या सीधे सोने-चांदी की वस्तुएं डालने के बजाय आधिकारिक रसीद कटवाकर दान देना अधिक सुरक्षित मान रहे हैं।

चढ़ावे की गणना से जुड़े कर्मचारियों के हवाले से बताया गया है कि विवाद के बाद दानपात्रों में आने वाले दान पर भी असर पड़ा है। श्रद्धालु चाहते हैं कि उनके द्वारा दिया गया दान रिकॉर्ड में दर्ज हो और उसकी आधिकारिक रसीद भी उपलब्ध हो।

यह बदलाव मंदिर प्रबंधन के सामने पारदर्शिता बढ़ाने की चुनौती भी पेश करता है। श्रद्धालुओं का विश्वास बनाए रखने के लिए दान की प्राप्ति, गणना, भंडारण और बैंक में जमा कराने की पूरी प्रक्रिया को अधिक सुरक्षित और सार्वजनिक रूप से जवाबदेह बनाने की मांग उठ रही है।

मंदिर प्रशासन की ओर से नई सुरक्षा व्यवस्था, बायोमीट्रिक उपस्थिति, तलाशी और निगरानी जैसे उपाय किए जाने की खबरें भी सामने आई हैं।