दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर पर पहली बारिश में गड्ढे, NHAI ने किसानों को बताया जिम्मेदार

दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर पर पहली बारिश में गड्ढे, NHAI ने किसानों को बताया जिम्मेदार

बागपत में दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर पर पहली ही बरसात ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं. कॉरिडोर के कई हिस्सों में सड़क किनारे मिट्टी धंसने से बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं. इससे तेज रफ्तार वाहनों के दुर्घटना होने का खतरा बढ़ गया है. हालात को देखते हुए राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) और निर्माण एजेंसी की टीम ने क्षतिग्रस्त हिस्सों की मरम्मत का कार्य शुरू कर दिया है.

करीब चार माह पहले शुरू हुए इस आधुनिक कॉरिडोर का उद्देश्य दिल्ली और उत्तराखंड के बीच तेज, सुगम और सुरक्षित यातायात उपलब्ध कराना था. लेकिन पहली ही बारिश में कई स्थानों पर सड़क किनारे की मिट्टी बह गई और गहरे गड्ढे बन गए. इससे खासकर रात के समय वाहन चालकों के लिए दुर्घटना का खतरा बढ़ गया है. स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि जल्द स्थायी समाधान नहीं किया गया तो लगातार हो रही बारिश में स्थिति और गंभीर हो सकती है.

मरम्मत में जुटी NHAI और निर्माण एजेंसी

सोमवार को एनएचएआई के अधिकारी और निर्माण एजेंसी के कर्मचारी दिनभर गड्ढों को भरने और क्षतिग्रस्त हिस्सों की मरम्मत में लगे रहे. अधिकारियों का कहना है कि जहां-जहां आवश्यकता होगी, वहां सुरक्षात्मक उपाय किए जाएंगे ताकि भविष्य में सड़क किनारे मिट्टी का कटाव न हो और यातायात सुरक्षित बना रहे.

किसानों पर लगाया मिट्टी कटान का आरोप

उधर, एनएचएआई अधिकारियों ने गांगनौली गांव के पास इंटरचेंज की मांग को लेकर धरना दे रहे किसानों पर मिट्टी कटान के लिए जिम्मेदार होने का दावा किया है. अधिकारियों के अनुसार, किसानों द्वारा कॉरिडोर के किनारे किए गए गड्ढों के कारण बारिश का पानी जमा हुआ और मिट्टी का कटाव बढ़ गया. हालांकि किसानों की ओर से इस दावे पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है.

फिलहाल एनएचएआई ने आश्वासन दिया है कि मरम्मत कार्य तेजी से पूरा किया जाएगा और जहां जरूरत होगी, वहां स्थायी सुरक्षा उपाय अपनाकर समस्या का समाधान किया जाएगा, ताकि यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके.