डॉक्टर अनुज गोयल पर हमले के मामले में नीरज बवाना बरी, अदालत ने दिया संदेह का लाभ

डॉक्टर अनुज गोयल पर हमले के मामले में नीरज बवाना बरी, अदालत ने दिया संदेह का लाभ

देवबंद। चिकित्सक डॉक्टर अनुज गोयल पर हुए जानलेवा हमले के नौ साल पुराने मामले में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश देवेंद्र नाथ सिंह ने कुख्यात अपराधी नीरज बवाना को साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया है। अभियोजन पक्ष नीरज पर लगाए गए आरोपों को संदेह से परे सिद्ध करने में असफल रहा। संदेह का लाभ देते हुए अदालत ने बवाना को बरी कर दिया।

शनिवार को दिल्ली तिहाड़ जेल में बंद थाना बवाना बाहरी दिल्ली निवासी नीरज बवाना की वीडियो कॉफ्रेंसिंग के जरिए पेशी हुई। पुलिस विवेचना के बाद नीरज बवाना के विरुद्ध आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया गया। मुकदमे की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने चिकित्सकों, पुलिस अधिकारियों और अन्य गवाहों सहित कई मौखिक एवं दस्तावेजी साक्ष्य प्रस्तुत किए। वहीं बचाव पक्ष ने अभियोजन के साक्ष्यों पर सवाल उठाए। घंटों चली सुनवाई के दौरान अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद नीरज बवाना को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त मुक्त कर दिया। निर्णय में न्यायालय ने कहा कि अभियोजन पक्ष उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोपी के विरुद्ध लगाए गए आरोपों को संदेह से परे प्रमाणित नहीं कर सका। ऐसे में आरोपी नीरज बवाना को धारा 307, 386 एवं 120-बी के आरोपों से दोषमुक्त कर दिया गया। साथ ही न्यायालय ने दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 437-ए के तहत भविष्य में आवश्यकता पड़ने पर उपस्थित होने के लिए निर्धारित शर्तों के अनुरूप निजी मुचलके एवं प्रतिभूति प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।

बता दें, कि चार अप्रैल वर्ष 2017 को प्रसिद्ध चिकित्सक अनुज गोयल पर बदमाशों ने नर्सिंग होम में घुसकर फायरिंग की थी। इसमें एक गोली पैर में लगने से चिकित्सक घायल हो गए थे। मामले में उनकी पत्नी डॉ.लीना गोयल ने प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इसी मामले में गत 12 जून को भी दिल्ली पुलिस भारी सुरक्षा में नीरज बवाना को पेशी के लिए देवबंद न्यायालय में लाई थी।