‘अयोध्या में चंदा चोरी, महाकाल में जमीन लूट…’, CM मोहन यादव पर जीतू पटवारी के गंभीर आरोप, पूछे 5 बड़े सवाल
नई दिल्ली। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव और उनके परिवार पर जमीन खरीद को लेकर लगाए जा रहे आरोपों को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बीजेपी और मुख्यमंत्री मोहन यादव पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि देश में भ्रष्टाचार के कई मामले सामने आ रहे हैं और “अयोध्या में चंदा चोरी और महाकाल में जमीन लूट” जैसे मामले चर्चा का विषय बने हुए हैं।
जीतू पटवारी ने कहा कि पूरे देश में चर्चा है कि मुख्यमंत्री बनने के बाद मोहन यादव के परिवार ने बड़ी मात्रा में जमीन खरीदी है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने इस मामले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, बीजेपी नेतृत्व और मुख्यमंत्री से सार्वजनिक रूप से जवाब मांगा था, लेकिन कई घंटे बीत जाने के बाद भी जमीन से जुड़े सवालों का स्पष्ट जवाब नहीं मिला। पटवारी ने आरोप लगाया कि मुद्दे पर जवाब देने के बजाय इसे जातीय राजनीति की ओर मोड़ा जा रहा है।
मोदी सरकार और बीजेपी की चुप्पी पर उठाए सवाल
कांग्रेस नेता ने प्रधानमंत्री मोदी के पुराने नारे “न खाऊंगा, न खाने दूंगा” का जिक्र करते हुए कहा कि भ्रष्टाचार के मामलों में सरकार को पारदर्शिता दिखानी चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि जमीन खरीद से जुड़े आरोप गलत हैं तो संबंधित तथ्यों को सार्वजनिक किया जाना चाहिए और आरोप लगाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।
पटवारी ने आरोप लगाया कि बीजेपी की चुप्पी कई सवाल खड़े करती है। उन्होंने कहा कि एक मुख्यमंत्री के पास कई महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी होती है, इसलिए उनसे अधिक जवाबदेही की अपेक्षा की जाती है।
जीतू पटवारी ने बीजेपी और मुख्यमंत्री से पूछे ये 5 सवाल
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जीतू पटवारी ने पांच प्रमुख सवाल उठाए—
- क्या मुख्यमंत्री बनने के बाद उनके परिवार ने जमीन खरीदी है या नहीं?
- क्या जमीन का बड़ा हिस्सा उन क्षेत्रों में स्थित है, जहां बाद में सड़क, कॉरिडोर और अन्य विकास परियोजनाएं प्रस्तावित की गईं?
- क्या सरकार संबंधित परियोजनाओं की पूरी टाइमलाइन सार्वजनिक करेगी?
- यदि सभी लेन-देन पारदर्शी हैं तो क्या स्वतंत्र न्यायिक जांच कराई जाएगी और क्या केंद्रीय एजेंसियों से जांच कराई जा सकती है?
- क्या मुख्यमंत्री अपने परिवार की वर्ष 2023 के बाद खरीदी गई सभी जमीनों का श्वेत पत्र जारी करेंगे?
उन्होंने कहा कि बीजेपी की ओर से यह बयान दिया गया कि कांग्रेस को ओबीसी वर्ग का मुख्यमंत्री स्वीकार नहीं हो रहा है, लेकिन कांग्रेस का सवाल जाति नहीं बल्कि जमीन खरीद और पारदर्शिता से जुड़ा है।
उज्जैन की जमीन को लेकर भी लगाए आरोप
जीतू पटवारी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में दावा किया कि उज्जैन में करोड़ों रुपये मूल्य की जमीन एक ट्रस्ट को नाममात्र कीमत पर दी गई। उन्होंने आरोप लगाया कि उस ट्रस्ट से मुख्यमंत्री के सांस्कृतिक सलाहकार जुड़े हुए हैं। पटवारी ने सवाल उठाया कि ऐसे मामलों में प्रधानमंत्री के भ्रष्टाचार के खिलाफ दिए गए संदेशों पर सरकार की क्या कार्रवाई होगी।
हालांकि, मुख्यमंत्री मोहन यादव या बीजेपी की ओर से इन आरोपों पर विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आना बाकी है।
