4 करोड़ फिरौती, मुखबिर, ऐक्शन, यूपी पुलिस ने बताया कैसे छुड़ाया बच्चा

 
परिवार को सौंपा गया बरामद बच्चा

 

  • गोंडा में अपहत हुए कारोबारी के बेटे को पुलिस ने बरामद किया
  • गोंडा पुलिस और यूपी एसटीएफ ने मिलकर मुठभेड़ के बाद बच्चे को किया बरामद
  • किडनैपर की सीसीटीवी फुटेज से उसकी कदकाठी और किडनैपर्स के भागने की दिशा की हुई जानकारी
  • देर रात पुलिस और किडनैपर्स के बीच हुई मुठभेड़

गोंडा
उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले में अगवा हुए बच्चे को पुलिस ने 24 घंटे के अंदर बरामद कर लिया। किडनैपिंग केस के बारे में एडीजी लॉ ऐंड ऑर्डर प्रशांत कुमार ने बताया कि किस तरह टीम ने काम किया और बच्चे को सकुशल बरामद कर लिया गया है। एडीजी ने बताया कि अपरहणकर्ता बच्चे को कहीं और ले जाने की फिराक में थे, उसी दौरान मुठभेड़ के बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। इससे पहले कानपुर के विकास दुबे एनकाउंटर मामले में पुलिस पर सवाल उठे थे।

कारोबारी के 8 वर्षीय बेटे को एडीजी ने उनके परिवार को सौंपा। उन्होंने बताया कि शाहपुर के रहे वाले सूरज पाण्डेय, उसकी पत्नी छवि पाण्डेय, सूरज का भाई राज पाण्डेय किडनैपिंग में शामिल थे। उनके साथ ही दीपू कश्यप और उमेश यादव को भी गिरफ्तार किया गया है। सभी के साथ देर रात पारा के पास मुठभेड़ हुई। जिसके बाद दो आरोपियों उमेश और दीपू को गोली भी लगी।

देर रात बच्चे को लेकर निकले
एडीजी ने बताया कि बच्चे के किडनैपिंग के बाद आरोपी उसे गोंडा के बाहर ले जाने की फिराक में थे। किडनैपिंग का तुंरत पता चलते ही गोंडा का बॉर्डर सील कर दिया गया। आसपास इलाकों से लेकर यूपी के बॉर्डर पर भी अलर्ट जारी किया गया। किडनैपर्स ने बच्चे को गोंडा में ही कुछ घंटों तक रखा। जब उन्हें लगा कि वे यहां पकड़े जा सकते हैं तो वे रात में बच्चे को यहां से लेकर निकलने लगे।

तलाशी में रोकी कार तो पुलिस पर की फायरिंग
पुलिस को किसी ने मुखबरी की कि बच्चा गोंडा के बाहर ले जाया जा रहा है। रात में ही अलर्ट जारी हो गया। तलाशी अभियान तेज कर दिया गया। इसी दौरान एक ऑल्टो कार को रोका गया। उसमें बैठे बदमाशों ने टीम पर फायरिंग की। वे भागने की कोशिश करने लगे। इसी दौरान जवाबी फायरिंग में दो बदमाशों को गोली लगी। पुलिस ने सभी को पकड़ लिया।

आरोपियों के पास से हुई बरामदगी
बच्चे को कार के अंदर से बरामद कर लिया गया। एडीजी ने बताया कि आरोपियों के पास से ऑल्टो कार, एक 32 बोर की पिस्तौल दो 315 बोर के तमंचे भी बरामद हुए हैं। अपहरणकर्ताओं में तीन एक ही परिवार के हैं।

सीसीटीवी में कैद हुआ था आरोपी
आरोपियों ने कारोबारी के घर से कुछ दूरी पर कार खड़ी की थी। बताया जा रहा है कि सूरज कारोबारी के घर गया और खुद को स्वास्थ्य विभाग का बताते हुए सैनेटाइजर और मास्क देने के बहाने बच्चे को अपने साथ कार तक ले गया। इस दौरान एक दुकान के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे में जब बच्चे को ले जाते हुए नजर भी आया। पुलिस को इस सीसीटीवी कैमरे की मदद से भी किडनैपर की कदकाठी और दिशा का पता चला।

 
 
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