कोरोना काल में पैरोल पर छोड़े गए 10 कैदी पांच साल बाद भी नहीं लौटे जेल
सहारनपुर [दिग्विजय त्यागी]। कोरोना संक्रमण के दौरान सहारनपुर जेल से पैरोल पर छोड़े गए 10 कैदियों के वापस नहीं लौटने का मामला सामने आया है। करीब पांच वर्ष बीत जाने के बावजूद इन कैदियों का पता नहीं चल सका है।
कोरोना महामारी के दौरान जेलों में संक्रमण फैलने की आशंका को देखते हुए बंदियों की संख्या कम करने का निर्णय लिया गया था। इसी प्रक्रिया के तहत वर्ष 2021 में सहारनपुर जेल से कुल 45 बंदियों और कैदियों को अलग-अलग कानूनी प्रावधानों के तहत बाहर भेजा गया था।
इनमें से 35 बंदियों को न्यायालय की प्रक्रिया के तहत अंतरिम जमानत पर छोड़ा गया था। वहीं, सजा काट रहे 10 कैदियों को आठ सप्ताह की पैरोल दी गई थी।
कोरोना संक्रमण की स्थिति लंबे समय तक बने रहने के कारण पैरोल की अवधि समय-समय पर बढ़ाई जाती रही। बाद में जब स्थिति सामान्य हुई और पैरोल की अवधि समाप्त हुई, तो संबंधित कैदियों को जेल वापस लौटना था।
बताया गया कि इन 10 कैदियों ने निर्धारित समय पर जेल में आत्मसमर्पण नहीं किया। इसके बाद जेल प्रशासन ने संबंधित पुलिस थानों और कैदियों के पते पर पत्र भेजकर उन्हें वापस जेल भेजने के लिए कहा।
पुलिस द्वारा उनके घरों और संभावित ठिकानों पर जानकारी जुटाने का प्रयास भी किया गया, लेकिन अब तक उनका पता नहीं चल सका है। कुछ कैदियों के परिवारों द्वारा भी उनके वर्तमान ठिकाने की जानकारी न होने की बात कही गई है।
मामला सामने आने के बाद जेल प्रशासन और पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठ रहे हैं। सवाल यह है कि पैरोल समाप्त होने के बाद इन कैदियों की निगरानी किस स्तर पर की गई और पांच वर्ष तक उनका पता क्यों नहीं लगाया जा सका।
अब प्रशासन संबंधित कैदियों की जानकारी दोबारा जुटाने और उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेजने की कार्रवाई कर सकता है। फरार कैदियों के खिलाफ आगे की वैधानिक कार्रवाई उनके मामलों और अदालत के आदेशों के अनुसार की जाएगी।
