कल्लरहेड़ी प्रकरण की निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर एसएसपी से मिला जाट महासभा का प्रतिनिधिमंडल
- निर्दोष लोगों का उत्पीड़न होने पर आंदोलन की चेतावनी, एसएसपी ने दिया निष्पक्ष कार्रवाई का आश्वासन
सहारनपुर। गंगोह थाना क्षेत्र के गांव कल्लरहेड़ी में फैक्ट्री प्रबंधन और ग्रामीणों के बीच हुए विवाद तथा फैक्ट्री मालिक की मौत के मामले में राष्ट्रीय जाट महासभा भारत ने निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच की मांग उठाई है। बुधवार को संगठन के प्रतिनिधिमंडल ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अभिनंदन से मुलाकात कर मांगपत्र सौंपा। महासभा ने चेतावनी दी कि यदि राजनीतिक दबाव में किसी निर्दोष व्यक्ति को झूठे मुकदमे में फंसाया गया या उसका उत्पीड़न किया गया तो जाट समाज आंदोलन करने को मजबूर होगा।
राष्ट्रीय जाट महासभा भारत के मुख्य संरक्षक चौधरी नीरपाल सिंह और प्रदेश अध्यक्ष मुकेश चौधरी के नेतृत्व में एसएसपी से मिले प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि कल्लरहेड़ी प्रकरण बेहद संवेदनशील है। ऐसे में पुलिस प्रशासन को किसी भी प्रकार के दबाव से मुक्त रहकर तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर जांच करनी चाहिए। उन्होंने मांग की कि वास्तविक दोषियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई हो, लेकिन किसी निर्दोष व्यक्ति को अनावश्यक रूप से परेशान न किया जाए।
निर्दोषों को झूठे मुकदमों में फंसाने की जताई आशंका
महासभा की ओर से सौंपे गए मांगपत्र में कहा गया कि गांव में फैक्ट्री प्रबंधन और ग्रामीणों के बीच हुए विवाद के दौरान फैक्ट्री मालिक की मौत के मामले में कुछ निर्दोष लोगों को फंसाए जाने की आशंका है। संगठन के पदाधिकारियों ने पूरे घटनाक्रम की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग करते हुए कहा कि न्याय सुनिश्चित करने के लिए प्रत्येक पहलू की गंभीरता से जांच की जानी चाहिए।
प्रतिनिधिमंडल ने आरोप लगाया कि एक विधायक द्वारा पुलिस प्रशासन और समाज को धमकाने के प्रयास की जानकारी भी सामने आई है। महासभा ने स्पष्ट किया कि यदि किसी राजनीतिक दबाव में निर्दोष लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई तो संगठन इसे बर्दाश्त नहीं करेगा और जाट समाज को आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ेगा।
एसएसपी बोले- किसी निर्दोष को नहीं भेजा जाएगा जेल
प्रतिनिधिमंडल की मांगों को सुनने के बाद वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अभिनंदन ने आश्वस्त किया कि कल्लरहेड़ी प्रकरण में पूरी निष्पक्षता और पारदर्शिता के साथ कार्रवाई की जाएगी। किसी भी निर्दोष व्यक्ति को जेल नहीं भेजा जाएगा तथा जांच में सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर ही आगे की कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
इस दौरान प्रदेश उपाध्यक्ष राजदीप ढाका, जिलाध्यक्ष संजीव चौधरी, महानगर अध्यक्ष ब्रह्मपाल पुनिया, डॉ. अशोक मलिक, सचिन चौधरी, अरविंद मुखिया, कौशलेन्द्र सिंह और नितिन चौधरी सहित संगठन के अन्य पदाधिकारी एवं सदस्य मौजूद रहे।
