‘अखिलेश के बिना सब सूना है…’ सपा और कांग्रेस गठबंधन पर बृजभूषण सिंह का बयान, बढ़ी सियासी हलचल

‘अखिलेश के बिना सब सूना है…’ सपा और कांग्रेस गठबंधन पर बृजभूषण सिंह का बयान, बढ़ी सियासी हलचल

भाजपा के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश में अखिलेश यादव के बिना कांग्रेस का कोई अस्तित्व नहीं है। इस बयान पर अखिलेश यादव ने सकारात्मक प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि बृजभूषण से उनके संबंध अच्छे हैं और वे राज्य के विकास तथा किसानों की खुशहाली के लिए काम कर रहे हैं।

गोंडा की कैसरगंज सीट से बीजेपी के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने अखिलेश का समर्थन किया। दिल्ली में अपने घर पर मीडिया से बात करते हुए उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में अखिलेश के बिना कांग्रेस का कोई अस्तित्व नहीं है। जब उनसे पूछा गया कि कांग्रेस कम से कम 150 सीटें मिलने पर ही उत्तर प्रदेश का चुनाव लड़ने की बात कह रही है और अखिलेश ‘इंडिया’ गठबंधन की बैठक में शामिल नहीं हो रहे हैं, तो बीजेपी नेता ने कहा, “अभी यह नहीं कहा जा सकता कि अखिलेश शामिल होंगे या नहीं। हो सकता है कि उनकी पार्टी का कोई प्रतिनिधि बैठक में शामिल हो, लेकिन उत्तर प्रदेश में अखिलेश के बिना कांग्रेस का कोई अस्तित्व नहीं है।” जब उनसे राज्यसभा जाने की अटकलों के बारे में पूछा गया, तो बृजभूषण शरण सिंह ने कोई जवाब नहीं दिया।

इससे पहले उत्तर प्रदेश में राज्यसभा चुनाव के लिए समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार राम गोपाल यादव और धनराज परिमल नाथवानी ने बुधवार को अपना नामांकन पत्र दाखिल किया। यादव और नाथवानी ने पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव, शिवपाल यादव और पार्टी विधायकों की उपस्थिति में अपना नामांकन पत्र दाखिल किया। नाथवानी रिलायंस इंडस्ट्रीज के ग्रुप प्रेसिडेंट हैं। इससे पहले पार्टी ने अपने आधिकारिक ‘एक्स’ हैंडल में कहा कि पार्टी के उम्मीदवार राम गोपाल यादव और धनराज परिमल नाथवानी आज पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव की उपस्थिति में नामांकन पत्र दाखिल करेंगे।

उत्तर प्रदेश विधानसभा की मौजूदा संख्या-बल के आधार पर किए गए आकलन के अनुसार, भाजपा के नेतृत्व वाला गठबंधन आठ सीटें जीतने की स्थिति में है, जबकि कांग्रेस के समर्थन से समाजवादी पार्टी (सपा) दो सीटें हासिल कर सकती है। समाजवादी पार्टी संभवतः अपना तीसरा उम्मीदवार भी उतारेगी। पार्टी प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी ने कहा, हम तीसरे उम्मीदवार की भी घोषणा करेंगे। जब उनसे पूछा गया कि पार्टी तीसरे उम्मीदवार की जीत कैसे सुनिश्चित करेगी, तो चौधरी ने कहा कि भाजपा के कई विधायक सरकार के कामकाज से असंतुष्ट हैं और उनकी पार्टी के उम्मीदवार को उनसे पूरा समर्थन मिलेगा। चुनाव नौ राज्यसभा सदस्यों के कार्यकाल 25 नवंबर को समाप्त होने के कारण आवश्यक हो गए हैं।

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