‘पिछले 7 दिनों में जो हुआ, वह…’ आशुतोष रांका- सौरव दास के लिए इमोशनल हुईं रत्ना सिंह
सीजेपी नेता सौरव दास और आशुतोष रांका के बेल पर रिहा होने के बाद रत्ना सिंह बेहद खुश हैं. रत्ना सिंह सीजेपी की लीगल हेड हैं और वो दास-रांका के न्यायिक हिरासत को लेकर लगातार अपडेट दे रही थीं. दास और रांका के बाहर आने के बाद रत्ना इमोशनल हो गई हैं. उन्होंने एक पोस्ट शेयर करके कहा है कि जो कुछ हुआ है, उसे कानूनी आधार पर सही नहीं ठहराया जा सकता.
सीजेपी की लीगल हेड रत्ना सिंह ने लिखा, ”पिछले सात दिनों में जो कुछ हुआ है, उसे कानूनी आधार पर सही नहीं ठहराया जा सकता है. मैं यह कह सकता हूं, इस मामले पर करीब से काम करने वाले वकील भी यही कह सकते हैं और जो कोई भी समझदारी से सोचेगा वह इसे देख सकता है.”
वकीलों की दी थी जानकारी
रत्ना ने आशुतोष और सौरव की याचिका दायर नहीं की थी. उन्होंने उन वकीलों के बारे में बताया है जिन्होंने रांका और दास को जेल से बाहर निकलवाया है. रत्ना ने लिखा, एडवोकेट अभिक चिमनी और उनकी पूरी टीम जिसमें प्रांजल अब्रोल, मोक्षा शर्मा और कार्तिक वेणु शामिल हैं को उनके सहयोग के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद. एडवोकेट अभिष्ट हेला, पुष्प शर्मा और अंगद का दिल से शुक्रिया, जिन्होंने पहले दिन से ही SEM कोर्ट का काम संभाला.
एडवोकेट शिवांगी शर्मा का भी धन्यवाद, जो मेरे साथ खड़ी रहीं और मेरी मदद की. और आखिर में लेकिन किसी से कम नहीं. मैं इस पेशे के अपने सीनियर्स (और उनकी टीमों) का भी तहे दिल से शुक्रिया अदा करती हूं, जिन्होंने हमें अपने बहुमूल्य कानूनी सुझावों और निर्देशों के जरिए मार्गदर्शन दिया.
बता दें आशुतोष रांका और सौरव दास को पहले एसईएम ने 5 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा था. उसके बाद 2 दिन उनकी न्यायिक हिरासत बढ़ा दी गई थी. 7 दिन बाद उन्हें शपथपत्र पर साइन करने और 50 हजार के मुचकले के साथ बेल दे दी है.
