‘जवाब तो मैं तब दूंगा, जब…’, केजरीवाल से नाराज होकर क्या बोले अमित शाह
गृहमंत्री अमित शाह ने अपने जन्मदिन के मौके पर दिल्ली में यमुना नदी के शुद्धिकरण प्रोजेक्ट के कार्यक्रम में कई बड़ी घोषणाएं की हैं. इस दौरान उन्होंने दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल पर भी निशाना साधा है.
केजरीवाल को निशाना बनाते हुए उन्होंने कहा कि “मित्रों कुछ राजनीतिक पार्टियां होती हैं जो बहाने की पॉलिटिक्स करती हैं, इसके पहले आप पार्टी की सरकार थी, कांग्रेस की सरकार थी, वो बहाने बनाते थे, कहते थे ‘हमें ये मदद नहीं मिली, वो मदद नहीं मिली’. केजरीवाल जी, मेरे पास आपकी हर बात का जवाब है. मगर जवाब तो मैं तब दूंगा जब पंजाब में भी आप सरकार को हम उखाड़ कर फेंक देंगे. आपने आंदोलन के नाम पर सत्ता हथियाकर करप्शन करने के अलावे कुछ नहीं किया.”
यमुना के 9000 करोड़ की सौगात
अमित शाह ने यमुना शुद्धिकरण कार्यक्रम में पहुंचकर कहा कि “मैं आज द्वारका में आप सभी के बीच यमुना शुद्धिकरण के महत्वपूर्ण 9000 करोड़ के कार्यक्रमों के लोकार्पण और भूमि पूजन के लिए आपके सामने उपस्थित हुआ हूं ,ये सभी प्रोजेक्ट यमुना शुद्धिकरण के लिए रीढ़ की हड्डी के समान हैं. मैं आज दिल्ली की जनता को कहने आया हूं, दिल्ली की सरकार बनते ही हमारे देश के माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने एक ही महीने में एक वृहद बैठक बुलाकर यमुना जी को शुद्ध करने की उनकी संकल्पना दिल्ली सरकार और गृह मंत्रालय के सामने रखी थी.
यमुना शुद्धिकरण का 40% काम पूरा
गृहमंत्री ने बताया कि “मुझे हर्ष है कि इतने कम समय में हमने चालीस प्रतिशत से ज़्यादा मजल काटने का काम कर लिया है. आज ये नौ हज़ार करोड़ के प्रोजेक्ट गंदे पानी को शुद्ध करने के और कई प्रकार के पीने के पानी के प्रोजेक्ट भी रेखा जी ने और प्रवेश वर्मा जी ने बुन कर तैयार किए हैं. आज इसका लोकार्पण हो रहा है और भूमि पूजन भी हो रहा है.”
पूर्व सरकारों ने गंदी की यमुना
उन्होंने पिछली सरकारों पर ठीकरा फोड़ते हुए कहा कि “30 साल से कांग्रेस और केजरीवाल की सरकारों ने दिल्ली की गटर के पानी को यमुना में छोड़ने का काम किया. हर रोज डेरियों का 2000 टन गोबर यमुना जी में डालने का काम किया, एक जमाने में कांग्रेस के सहयोगी दलों की सरकारें थी. यूपी में भी थी और हरियाणा में भी थी. मगर हरियाणा का औद्योगिक वेस्ट का पानी भी यहां आता था, यूपी का भी गंदा पानी यहां आता था”.
