प्रीति पाल की चांदी की जीत ने मुजफ्फरनगर में खुशी का माहौल बनाया

प्रीति पाल की चांदी की जीत ने मुजफ्फरनगर में खुशी का माहौल बनाया

मुजफ्फरनगर में प्रीति पाल ने जापान में आयोजित पैरालंपिक खेलों में चांदी का पदक जीतकर अपने परिवार को गर्वित किया। उनके पिता अनिल पाल ने बताया कि यह जीत तब संभव हुई जब प्रीति ने अपनी बैसाखियों को खूंटी पर टांगकर खेल के मैदान में कदम रखा।

प्रीति का जन्म 26 साल पहले एक किसान परिवार में हुआ था, लेकिन उनके पैरों में समस्या के कारण उन्हें बचपन में प्लास्टर चढ़ाना पड़ा। हालांकि, प्रीति ने अपनी कठिनाइयों को पार करते हुए खेलों की ओर रुख किया।

उन्होंने मेरठ में रहकर पैरालंपिक खेलों की वीडियो देखकर अभ्यास करना शुरू किया। 2018 में स्टेट पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप में भाग लेकर उन्होंने अपनी यात्रा की शुरुआत की। प्रीति ने 100 मीटर और 200 मीटर स्प्रिंट में एशियाई पैरा खेलों 2022 के लिए क्वालिफाई किया, जो उनके लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ था।

प्रीति ने पेरिस पैरालंपिक में भी कांस्य पदक जीता था। उनके पिता ने कहा कि प्रीति ने कभी हिम्मत नहीं हारी, जबकि उनकी मां ने कहा कि हर मुसीबत का सामना हौसले से किया जा सकता है। प्रीति की बहन नेहा ने भी उनके हौसले की सराहना की।

प्रीति की इस सफलता ने उनके परिवार में खुशी का माहौल बना दिया है, खासकर जब उनकी बड़ी बहन की शादी 21 नवंबर को होने वाली है।

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