SC-ST और OBC समाज से बने KGMU का कुलपति, पूर्व मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य की सरकार से मांग

SC-ST और OBC समाज से बने KGMU का कुलपति, पूर्व मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य की सरकार से मांग

उत्तर प्रदेश के पूर्व मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य ने लखनऊ स्थित किंग जॉर्ज मेडिकल विश्वविद्यालय (KGMU) में एससी, एसटी व ओबीसी समाज के व्यक्ति को कुलपति बनाए जाने की मांग केंद्र और राज्य सरकार से की है. पूर्व मंत्री स्वामी प्रसाद ने कहा है कि केजीएयू के इतिहास में भी तक Sc st व obc समाज से कोई भी कुलपति न बनाया जाना बहुत ही चिंताजनक है.

पूर्व मंत्री ने कहा है कि किंग जॉर्ज मेडिकल विश्वविद्यालय लखनऊ उत्तर प्रदेश देश का एक सुविख्यात व सुप्रसिद्ध मेडिकल संस्थान है.  KGMU के 124 वर्षों के इतिहास में अभी तक SC ST व OBC समाज से कोई भी कुलपति न बनाया जाना बहुत ही चिंताजनक है. उन्होंने कहा कि सबका साथ, सबका विकास एवं सबका विश्वास का नारा देने वाली प्रदेश व केंद्र की सरकार से SC, ST व OBC माज से KGMU में “कुलपति” बनाये जाने की उम्मीद बढी है.

कई जनप्रतिनिधि भी कर चुके हैं मांग- स्वामी प्रसाद मौर्य

उन्होंने कहा कि कई जनप्रतिनिधियों ने SC, ST व OBC अल्पसंख्यक समाज से कुलपति बनाये जाने की मांग भी की है, किंतु सर्च कमेटी में SC, ST व OBC और अल्पसंख्यक समाज का प्रतिनिधित्व न होने के कारण “कुलपति” बनाये जाने की सूची से ही वंचित कर दिया जाता है. फलस्वरुप इन वर्गों से आने वाली प्रतिभाओं की निरंतर उपेक्षा की जाती है और “कुलपति” जैसे महत्वपूर्ण पद से वंचित किया जाता रहता है.

‘वर्तमान का कुलपति का नाम पैनल में किया गया शामिल’

उन्होंने कहा कि अवगत हुआ हूं कि पैनल में जो नाम भेजा गया है, उसमें वर्तमान “कुलपति” का नाम ही पुन: शामिल किया गया है. जिन्होंने आर. एम. एल. चिकित्सा संस्थान एवं KGMU लखनऊ में “कुलपति” पद का दुरुपयोग करते हुए न केवल आरक्षण नियमावली की धज्जियां उड़ाई है, बल्कि KGMU एक्ट की अनदेखी करते हुए नियम विरुद्ध पैरामेडिकल डीन नर्सिंग, और समितियां भी बनाई है.

पैनल में एक और भी प्रोफेसर का नाम आया जो पहले भी लगातार “कुलपति” व निदेशक जैसे महत्वपूर्ण पद पर रह चुके हैं. ऐसा प्रतीत होता है कुछ वर्ग विशेष के लोगों केवल “कुलपति” व निर्देशक बनने के लिए ही पैदा हुए हैं ऐसे में नई प्रतिभाओं की हत्या कब तक होती रहेगी?

केजीएमयू प्रशासन पर खड़े किए सवाल

उन्होंने कहा कि यह भी अवगत कराना है कि विधानमंडल उत्तर प्रदेश से KGMU कार्य परिषद में Sc व obc समाज से 1-1 यानी दो सदस्यों को रखे जाने का कानून पास होने के बावजूद अभी तक KGMU कार्य परिषद में सदस्यों को नामित न किया जाना KGMU प्रशासन की नियत पर प्रश्न चिन्ह खड़ा करता है.

सरकार से किया अनुरोध

उन्होंने निवेदन किया है कि उपरोक्त का संज्ञान लेते हुए सरकार द्वारा किये गये संकल्प सबका साथ सबका विश्वास व सबका विकास के अनुरूप लंबे समय से उपेक्षित वंचित Sc st व obc एवं अल्पसंख्यक समाज से आने वाली प्रतिभाओं को भी “कुलपति” बनने का अवसर प्रदान कर सामाजिक न्याय के मार्ग को प्रशस्त करने का कार्य अवश्य सुनिश्चित करेंगे.