यूपी में बदला मौसम का मिजाज, बारिश के बाद बढ़ेगी गर्मी; IMD ने जारी किया ताजा अपडेट

यूपी में बदला मौसम का मिजाज, बारिश के बाद बढ़ेगी गर्मी; IMD ने जारी किया ताजा अपडेट

उत्तर प्रदेश में मौसम का मिजाज लगातार बदल रहा है। कई इलाकों में पिछले दिनों बारिश और गरज-चमक का दौर देखने को मिला, जबकि अब ज्यादातर हिस्सों में मौसम अपेक्षाकृत साफ रहने का अनुमान है। बारिश की गतिविधियां कम होने के साथ तापमान में फिर बढ़ोतरी हो सकती है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के 19 सितंबर के ताजा अपडेट के मुताबिक पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लिए 19 से 25 सितंबर तक कोई मौसम चेतावनी जारी नहीं की गई है।

आज कैसा रहेगा यूपी का मौसम?

शनिवार, 19 सितंबर को प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मौसम साफ से आंशिक रूप से बादल छाए रहने की संभावना है। हालांकि कुछ स्थानों पर स्थानीय स्तर पर हल्की बारिश या गरज-चमक की स्थिति बन सकती है। फिलहाल प्रदेश के दोनों मौसम उपखंडों के लिए कोई चेतावनी जारी नहीं है।

पश्चिमी उत्तर प्रदेश के नोएडा जैसे इलाकों में 19 सितंबर को अधिकतम तापमान करीब 36 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान करीब 26 डिग्री रहने का अनुमान है। मौसम विभाग ने वहां भी किसी तरह की चेतावनी जारी नहीं की है।

अगले दिनों में बढ़ सकता है तापमान

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार 20 से 22 सितंबर के बीच उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में मौसम मुख्य रूप से साफ रहने और तापमान बढ़ने की संभावना है। नोएडा में अधिकतम तापमान 36 डिग्री के आसपास रहने का अनुमान है। वहीं पूर्वी उत्तर प्रदेश के वाराणसी में 21 और 22 सितंबर को अधिकतम तापमान करीब 35 डिग्री तक पहुंच सकता है।

हालांकि स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार कुछ इलाकों में बादल या हल्की बारिश की संभावना पूरी तरह समाप्त नहीं हुई है। इसलिए मौसम में छोटे स्तर पर बदलाव देखने को मिल सकता है।

फिलहाल आंधी-तूफान का अलर्ट नहीं

IMD के 19 सितंबर के ताजा उपखंडीय बुलेटिन में पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लिए 19 से 25 सितंबर तक किसी भी दिन कोई चेतावनी नहीं दी गई है। ऐसे में फिलहाल प्रदेश में बड़े स्तर पर आंधी-तूफान या भारी बारिश का अलर्ट नहीं है।

मौसम विभाग के अनुसार उत्तर-पश्चिम भारत के कुछ हिस्सों से दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी के लिए परिस्थितियां 19 सितंबर के आसपास अनुकूल हो रही हैं। इसका असर आने वाले दिनों में बारिश की गतिविधियों में कमी के रूप में दिखाई दे सकता है।

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