भाजपा को रोकने के लिए AAP-कांग्रेस में गठबंधन की सुगबुगाहट, केजरीवाल ने राज्य इकाई को सौंपी कमान
दिल्ली और पंजाब में कांग्रेस पर सबसे तीखे हमले करने वाली आम आदमी पार्टी (AAP) अब गोवा में उसी कांग्रेस के साथ चुनावी गठबंधन की संभावनाएं तलाश रही है. 2027 के गोवा विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी ने साफ कर दिया है कि उसका मुख्य लक्ष्य भाजपा को सत्ता से हटाना है और इसके लिए विपक्षी दलों के साथ मिलकर चुनाव लड़ने का विकल्प खुला है.
इसी रणनीति के बीच AAP के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल गोवा में हैं हालांकि गठबंधन को लेकर अंतिम फैसला राज्य इकाई पर छोड़ दिया गया है. गठबंधन पर पूछे गए सवाल के जवाब में अरविंद केजरीवाल ने कहा, ‘वाल्मिकीजी ने इसके ऊपर प्रेस कॉन्फ्रेंस करके सारा क्लेरिफाई कर दिया. अब इन सभी सवालों का जवाब वाल्मिकी देंगे. गोवा अध्यक्ष वाल्मिकी नाइक जो फैसला करेंगे, उनकी टीम जो तय करेगी, हम लोग उसका समर्थन करेंगे.’
गठबंधन की तैयारी
AAP ने गठबंधन वार्ता के लिए तीन सदस्यीय समिति बनाई है. इसमें प्रदेश अध्यक्ष वाल्मिकी नाइक, कार्यकारी अध्यक्ष गर्सन गोम्स और संगठन सचिव प्रशांत नाइक शामिल हैं. यही समिति कांग्रेस समेत अन्य विपक्षी दलों के साथ संभावित प्री-पोल गठबंधन पर बातचीत करेगी. पार्टी का कहना है कि उसकी लड़ाई किसी एक राजनीतिक दल से नहीं, बल्कि भाजपा की विचारधारा के खिलाफ है. AAP ने विपक्षी दलों से व्यक्तिगत महत्वाकांक्षाओं को किनारे रखकर एकजुट होने की अपील की है. पार्टी का तर्क है कि अगर विपक्ष बिखरा रहा तो इसका सीधा फायदा भाजपा को मिलेगा.
बदलते राजनीतिक समीकरण
गोवा प्रदेश कांग्रेस ने भी गठबंधन की संभावनाओं के दरवाजे बंद नहीं किए हैं. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गिरीश चोडणकर ने कहा है कि विपक्षी वोटों का बंटवारा रोकना समय की जरूरत है और इस दिशा में बातचीत की जा सकती है. दिल्ली, पंजाब और गुजरात की राजनीति में कांग्रेस के खिलाफ आक्रामक रुख अपनाने वाली AAP का यह बदला हुआ राजनीतिक रुख इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि गोवा में भाजपा को चुनौती देने के लिए विपक्षी एकजुटता की चर्चा तेज हो गई है. अगर कांग्रेस और AAP के बीच सहमति बनती है तो 2027 का गोवा विधानसभा चुनाव राज्य की राजनीति में नए समीकरण पैदा कर सकता है.
