छुटमलपुर में अतिक्रमण से सिकुड़ी सड़कें, जगह-जगह जाम से लोग परेशान

छुटमलपुर में अतिक्रमण से सिकुड़ी सड़कें, जगह-जगह जाम से लोग परेशान

ई-रिक्शा, थ्री व्हीलर और रेहड़ी-ठेलियों के बेतरतीब खड़े होने से यातायात व्यवस्था बेपटरी, कमालपुर रोड पर सबसे अधिक परेशानी

छुटमलपुर (सहारनपुर)। कस्बे में लगातार बढ़ते अतिक्रमण और सड़कों पर बेतरतीब खड़े वाहनों ने यातायात व्यवस्था को बेपटरी कर दिया है। मुख्य बाजार से लेकर प्रमुख चौराहों तक दिनभर जाम की स्थिति बनी रहती है। ई-रिक्शा, थ्री व्हीलर, रेहड़ी-ठेलियों और सड़क किनारे खड़े निजी वाहनों के कारण सड़कें सिकुड़ गई हैं। इससे राहगीरों, ग्राहकों और वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

हालात यह हैं कि कस्बे से होकर गुजरने वाली रुड़की-देहरादून और सहारनपुर-देहरादून मार्ग की बसें भी जाम में फंस जाती हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि कुछ दुकानदारों ने अपनी दुकानों के सामने सड़क की जगह रेहड़ी-ठेली संचालकों को किराए पर दे रखी है। इसके बावजूद नगर पंचायत और पुलिस प्रशासन की ओर से अतिक्रमण हटाने के लिए प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही है।

पंजाबी कॉलोनी बाजार में बसों और रेहड़ियों से बढ़ रही परेशानी

कस्बे का प्रमुख बाजार पंजाबी कॉलोनी, सहारनपुर रोड, हलवाना रोड, सब्जी मंडी, देहरादून रोड और कमालपुर रोड तक फैला हुआ है। पंजाबी कॉलोनी बाजार के सामने परिवहन निगम का डिपो और कार्यशाला स्थित है। यहां बसों को खड़ा करने के लिए पर्याप्त जगह नहीं होने के कारण कई बसें सड़क पर ही खड़ी रहती हैं।

डिपो से निकलने वाली बसें बाजार, पोस्ट ऑफिस और सहारनपुर रोड के सामने सवारियां बैठाने के लिए रुकती हैं। इससे वाहनों की लंबी कतारें लग जाती हैं। वहीं, पंजाबी कॉलोनी बाजार में सड़क के दोनों ओर फल, चाट और छोले-भटूरे की रेहड़ियां लगने के साथ बड़ी संख्या में बाइक और कारें खड़ी रहती हैं। इससे सड़क पर आवागमन के लिए बेहद कम जगह बचती है।

कमालपुर रोड पर सबसे अधिक जाम, होमगार्डों के नदारद रहने का आरोप

कस्बे के हलवाना रोड, मुस्लिम कॉलोनी और कमालपुर रोड पर संकरी सड़कों के कारण स्थानीय निवासियों के साथ आसपास के गांवों से आने-जाने वाले लोगों को भी परेशानी उठानी पड़ रही है।

कमालपुर रोड पर जाम की समस्या सबसे अधिक गंभीर बताई जा रही है। स्थानीय लोगों के अनुसार, यहां यातायात व्यवस्था संभालने के लिए दो होमगार्डों की नियमित ड्यूटी लगाई गई थी, लेकिन वे अधिकतर मौके से नदारद रहते हैं।

इसके अलावा ज्योति किरण, गांधी आश्रम और झंडा चौक पर ई-रिक्शा तथा थ्री व्हीलर के बेतरतीब खड़े होने से यातायात बाधित रहता है। सड़क किनारे अस्थायी कब्जों के कारण कई स्थानों पर पैदल चलने तक की पर्याप्त जगह नहीं बचती।

कस्बेवासियों ने उठाई अतिक्रमण हटाने और स्टैंड निर्धारित करने की मांग

ई-रिक्शा और रेहड़ी-ठेलियों के लिए तय हो स्थान: भाजपा मंडल महामंत्री विशाल बंसल ने कहा कि ई-रिक्शा, थ्री व्हीलर और रेहड़ी-ठेली संचालकों के लिए अलग-अलग स्थान निर्धारित किए जाने चाहिए। साथ ही स्टैंड पर एक समय में केवल एक वाहन को खड़े होने की अनुमति दी जाए, ताकि यातायात बाधित न हो।

बसों के ठहराव की व्यवस्था सुधारे प्रशासन: भारत विकास परिषद के सचिव राजीव पाराशर ने कहा कि सड़कों से अतिक्रमण हटाने के साथ एक समय में केवल एक बस के ठहराव की व्यवस्था बनाई जाए। इससे बाजार में यातायात सुचारू हो सकेगा और लोगों को जाम से राहत मिलेगी।

स्थायी अतिक्रमण के खिलाफ चले अभियान: ओबीसी विभाग के राष्ट्रीय महासचिव मुजतबा एडवोकेट ने कहा कि सड़कों पर स्थायी रूप से कब्जा करने वालों के खिलाफ नगर पंचायत और पुलिस प्रशासन को संयुक्त अभियान चलाना चाहिए। इससे ग्राहकों और व्यापारियों, दोनों को फायदा मिलेगा।

कस्बे से बाहर खड़ी कराई जाएं बसें: भाकियू तोमर के पश्चिमी उत्तर प्रदेश युवा अध्यक्ष पारित उपाध्याय ने कहा कि परिवहन निगम की बसें अनावश्यक रूप से सड़कों पर खड़ी रहती हैं, जिससे जाम लगता है। उन्होंने इन बसों के लिए कस्बे से बाहर पार्किंग की व्यवस्था करने की मांग की।

स्थानीय लोगों का कहना है कि जब तक अतिक्रमण हटाने, वाहनों के ठहराव और यातायात संचालन की स्थायी व्यवस्था नहीं बनाई जाएगी, तब तक कस्बे को जाम की समस्या से निजात मिलना मुश्किल है।