सत्य निकेतन हादसे पर राहुल गांधी का PM मोदी पर हमला, बोले- ‘हादसे से पहले बचाव नहीं, बाद में दिखावा’
लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने दिल्ली के सत्य निकेतन में PG बिल्डिंग गिरने की घटना को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार हादसों को रोकने के लिए पहले से जरूरी कदम नहीं उठाती और दुर्घटना के बाद राहत एवं बचाव के नाम पर केवल दिखावा करती है।
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर कहा कि BJP सरकार के कामकाज में एक पैटर्न दिखाई देता है। उनके मुताबिक, हादसे से पहले सुरक्षा और बचाव के उपाय नहीं किए जाते, जबकि त्रासदी के बाद निचले स्तर के अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराकर कार्रवाई का दिखावा किया जाता है और वास्तविक जिम्मेदार लोगों को जवाबदेही से बचाया जाता है।
कांग्रेस नेता ने सत्य निकेतन हादसे को अकेली घटना मानने से इनकार करते हुए दिल्ली में हुई अन्य घटनाओं का भी जिक्र किया। उन्होंने सैदुलाजाब में हुई मौतों और हौज रानी में आग की घटना को भी इसी कथित लापरवाही के उदाहरण के तौर पर सामने रखा।
‘सवाल पूछने वालों को चुप कराने की कोशिश’
राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री मोदी पर सरकार से सवाल करने वालों को अपमानजनक शब्दों से निशाना बनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जब लोग जवाबदेही की मांग करते हैं तो उन्हें ‘ब्रेनवॉश किए गए नक्सली’ या ‘नाराज़ फूफा’ जैसे लेबल देकर शर्मिंदा और बदनाम करने की कोशिश की जाती है।
उन्होंने सवाल उठाया कि पिछले 12 वर्षों में सरकार ने बड़े-बड़े दावों और उपलब्धियों की बातें तो कीं, लेकिन जन सुरक्षा जैसे वास्तविक मुद्दों पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया। राहुल गांधी ने दिल्ली में BJP के नेतृत्व वाली ‘ट्रिपल इंजन’ सरकार का जिक्र करते हुए पूछा कि अब ऐसी घटनाओं के लिए सरकार के पास क्या बहाना है।
सत्य निकेतन हादसे में सात लोगों की मौत
दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस के पास सत्य निकेतन में एक PG के रूप में इस्तेमाल की जा रही इमारत रविवार को मरम्मत के दौरान अचानक ढह गई। हादसे में सात लोगों की मौत हुई और कई अन्य घायल हुए।
घटना पर दिल्ली हाई कोर्ट ने भी सोमवार को गंभीर चिंता जताई। अदालत ने इसे बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए केवल बिल्डिंग मालिकों की जिम्मेदारी तक मामला सीमित नहीं रखा, बल्कि MCD और दिल्ली विश्वविद्यालय की भूमिका पर भी सवाल उठाए।
कोर्ट ने राजधानी में बाहर से आने वाले छात्रों के लिए सुरक्षित और उचित आवास व्यवस्था की कमी पर भी चिंता जताई। अदालत ने कहा कि बड़ी संख्या में छात्र निजी PG सुविधाओं पर निर्भर रहते हैं, ऐसे में उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना भी महत्वपूर्ण है।
