गृह मंत्रालय के फैसले पर आशुतोष रांका बोले, ‘अब हर शहर बनेगा जंतर-मंतर’

गृह मंत्रालय के फैसले पर आशुतोष रांका बोले, ‘अब हर शहर बनेगा जंतर-मंतर’

नई दिल्ली, 12 अक्टूबर 2026: राजधानी दिल्ली में विरोध-प्रदर्शनों को लेकर बड़ा प्रशासनिक फैसला सामने आया है। दिल्ली पुलिस ने ऐतिहासिक जंतर-मंतर को धरना-प्रदर्शन के लिए निर्धारित स्थलों की सूची से हटा दिया है। इसकी जगह तीन नए स्थान तय किए गए हैं। इस फैसले पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। पार्टी के सह-संयोजक आशुतोष रांका ने फैसले के समय पर सवाल उठाते हुए कहा कि अब देश का हर शहर और हर कोना जंतर-मंतर बनेगा।

पुलिस से अनुमति मांगने के 30 मिनट बाद ही बदल गया आदेश!

सीजेपी के सह-संयोजक आशुतोष रांका ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर दावा किया कि दिल्ली पुलिस से जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति के संबंध में पूछने के महज 30 मिनट बाद ही इस स्थल को विरोध-प्रदर्शन की सूची से हटा दिया गया।

उन्होंने फैसले पर तंज कसते हुए लिखा, ”क्यों न माउंट एवरेस्ट को विरोध-प्रदर्शन के लिए तय जगह घोषित कर दिया जाए?”

रांका ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग दोहराते हुए कहा कि उनका आंदोलन किसी भी कीमत पर पीछे नहीं हटेगा। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी निशाना साधा और दावा किया कि सरकार विरोध की आवाज से डर गई है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि सीजेपी जंतर-मंतर पर ही प्रदर्शन करने के अपने फैसले पर कायम है।

जंतर-मंतर की अधिसूचना रद्द, अब इन तीन स्थानों पर होंगे प्रदर्शन

गृह मंत्रालय की समिति की सिफारिशों के आधार पर दिल्ली में धरना-प्रदर्शन के लिए निर्धारित स्थानों में बदलाव किया गया है। नए आदेश के तहत जंतर-मंतर को प्रदर्शन स्थल के रूप में दी गई अधिसूचना रद्द कर दी गई है।

अब राजधानी में विरोध-प्रदर्शन के लिए निम्नलिखित तीन स्थान निर्धारित किए गए हैं।

  1. रामलीला मैदान

  2. बुराड़ी मैदान

  3. सीबीडी मैदान, पूर्वी दिल्ली

इन तीनों स्थानों पर धरना-प्रदर्शन आयोजित करने के लिए अलग से विस्तृत और संशोधित मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) जारी की जाएगी। नया आदेश 28 अप्रैल 2022 के स्थायी आदेश में आंशिक संशोधन के रूप में जारी किया गया है।

अनुमति मांगने संसद मार्ग थाने पहुंचे थे CJP नेता

इससे पहले सोमवार, 12 अक्टूबर को सीजेपी नेता आशुतोष रांका और सौरव दास जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण विरोध-प्रदर्शन के लिए तारीख मांगने संसद मार्ग थाने पहुंचे थे।

इस दौरान नेताओं ने कहा था कि यदि पुलिस की ओर से प्रदर्शन की तारीख नहीं दी जाती है तो संगठन एक बार फिर आंदोलन का आह्वान करेगा। हालांकि, इसके बाद जंतर-मंतर को ही निर्धारित प्रदर्शन स्थलों की सूची से हटाए जाने पर विवाद और गहरा गया।

ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे तक आंदोलन जारी रखने का ऐलान

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ सीजेपी लगातार आंदोलन कर रही है। संगठन का आरोप है कि चुनावी प्रक्रिया से जुड़े गंभीर सवालों का संतोषजनक जवाब नहीं दिया जा रहा है।

आशुतोष रांका ने कहा कि प्रदर्शन स्थलों में बदलाव करके आंदोलन को समाप्त नहीं किया जा सकता। उन्होंने देशभर में विरोध-प्रदर्शन तेज करने की चेतावनी देते हुए कहा कि ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे तक संघर्ष जारी रहेगा।

जंतर-मंतर को प्रदर्शन स्थल की सूची से हटाने के फैसले ने अब दिल्ली में विरोध जताने के अधिकार और प्रशासनिक प्रतिबंधों को लेकर नई बहस छेड़ दी है।

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