NHAI का बड़ा AI प्लान! एक्सप्रेसवे पर फंसने पर खुद पता चलेगी आपकी लोकेशन, 1033 से मिलेगी तुरंत मदद

NHAI का बड़ा AI प्लान! एक्सप्रेसवे पर फंसने पर खुद पता चलेगी आपकी लोकेशन, 1033 से मिलेगी तुरंत मदद

अनजान एक्सप्रेसवे पर अचानक गाड़ी खराब हो जाए या कोई हादसा हो जाए और आसपास पहचान की कोई जगह न हो, तो मदद बुलाना मुश्किल हो जाता है। खासकर रात, बारिश और घने कोहरे में घटनास्थल की सही जानकारी देना बड़ी चुनौती बन जाती है। इसी परेशानी को दूर करने के लिए NHAI अपनी 1033 हेल्पलाइन को AI तकनीक से जोड़ने की तैयारी कर रहा है।

नई व्यवस्था लागू होने के बाद वाहन चालक को फोन पर अपनी लोकेशन बताने के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा। AI आधारित सिस्टम कॉल आने के बाद घटनास्थल की लोकेशन पहचानने में मदद करेगा और जरूरत के अनुसार एंबुलेंस, वाहन मैकेनिक या टोइंग टीम भेजी जा सकेगी।

करीब 5 मीटर तक सटीक हो सकती है लोकेशन

NHAI की प्रस्तावित तकनीक का उद्देश्य घटनास्थल की लोकेशन को अधिक सटीक तरीके से पहचानना है। अधिकारियों के मुताबिक, सिस्टम करीब पांच मीटर तक की सटीकता से लोकेशन पता लगाने में सक्षम हो सकता है। इसके अलावा कॉल करने वाला व्यक्ति मौके की फोटो और वीडियो भी साझा कर सकेगा।

इससे राहत और बचाव टीम को मौके की स्थिति पहले से समझने में मदद मिलेगी और जरूरत के अनुसार सहायता भेजी जा सकेगी।

एंबुलेंस और टोइंग टीम को सीधे मिलेगी लोकेशन

हाईवे पर हादसे के बाद अक्सर राहत पहुंचाने में देरी इसलिए भी होती है क्योंकि टीम को घटनास्थल तलाशने में समय लग जाता है। नई AI व्यवस्था में सहायता भेजी जाने वाली टीम को घटनास्थल की लोकेशन सीधे उपलब्ध कराने की योजना है।

इससे एंबुलेंस, मैकेनिक और टोइंग वाहन के चालक को सही जगह तक पहुंचने में आसानी होगी और आपात स्थिति में अतिरिक्त समय बचाया जा सकेगा।

हादसे वाले इलाकों में पहले मिलेगा अलर्ट

NHAI का AI सिस्टम केवल दुर्घटना या वाहन खराब होने के बाद मदद पहुंचाने तक सीमित नहीं रहेगा। योजना के तहत हाईवे के उन हिस्सों की पहचान भी की जाएगी, जहां दुर्घटनाओं का खतरा ज्यादा रहता है।

ऐसे स्थानों पर पहुंचने से पहले वाहन चालकों को संभावित खतरे का अलर्ट दिया जा सकता है। इससे चालक पहले से सतर्क होकर अपनी रफ्तार और ड्राइविंग में जरूरी बदलाव कर सकेंगे।

कई भाषाओं में मिलेगी 1033 हेल्पलाइन की सुविधा

देशभर में अलग-अलग भाषाएं बोलने वाले लोग हाईवे पर सफर करते हैं। ऐसे में नई व्यवस्था को बहुभाषी बनाने पर भी जोर दिया जा रहा है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि भाषा की समस्या के कारण किसी यात्री को आपात स्थिति में मदद मांगने में परेशानी न हो।

कुल मिलाकर, AI से जुड़ी 1033 हेल्पलाइन के जरिए NHAI हाईवे पर लोकेशन पहचान, इमरजेंसी रिस्पॉन्स और यात्री सुरक्षा को ज्यादा तेज और प्रभावी बनाने की दिशा में काम कर रहा है।

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