‘न सिस्टर को पता है और न…’, राहुल गांधी-प्रियंका गांधी पर BJP का बड़ा हमला
भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता और राज्यसभा सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर एक बार फिर कांग्रेस पार्टी और राहुल गांधी पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा है कि “सत्ता से बाहर रहते हुए जल बिन मछली की तरह कांग्रेस पार्टी तड़प रही है.”
सुधांशु ने नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की विदेश यात्रा पर हमला करते हुए कहा कि “भारतीय संस्कृति से घृणा के ड्राइविंग इंजन नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी चंपा में कहीं विचरण कर रहे हैं. राहुल गांधी चंपत हो कर चंपा (वियतनाम का पुराना नाम चंपा है ) गए हुए हैं. हमारे प्रधानमंत्री का ट्रैक रिकॉर्ड जितना शानदार उपलब्धियों से भरा है राहुल गांधी का ट्रैक रिकॉर्ड समस्याओं से भरा है. राहुल गांधी ने पार्टी ही नहीं संवैधानिक संस्थानों को भी दांव पर लगा दिया है.”
राहुल गांधी फेल प्रोडक्ट
बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता ने कहा कि “राहुल गांधी कांग्रेस के फेल प्रोडक्ट हैं. कांग्रेस पार्टी ने बार-बार एक ‘फेल प्रोडक्ट’ को लॉन्च करने की कोशिश करके न केवल अपना भविष्य, बल्कि देश की संवैधानिक व्यवस्था को भी दांव पर लगा दिया है. मैं इस दावे के समर्थन में तथ्य और सबूत पेश करूंगा कि वह (राहुल गांधी) एक ‘फेल प्रोडक्ट’ हैं.”
सुधांशु ने कहा “हमारी पीढ़ी के लोगों को शायद याद हो, या बाकी लोगों ने इसके बारे में पढ़ा हो कि उन्हें दिल्ली के सेंट स्टीफंस कॉलेज में एक राष्ट्रीय स्तर के तीरंदाज और निशानेबाज (शूटर) के तौर पर दाखिला मिला था, लेकिन इसके बाद वह अपने निशाने चूकते रहे और देश ने शूटिंग में उनकी कोई खास उपलब्धि कभी नहीं देखी. यह उनकी पहली विफलता थी.”
त्रिवेदी ने कहा कि “फिर, अपने परिवार की परंपरा का पालन करते हुए, वह उच्च शिक्षा के लिए इंग्लैंड चले गए. 1996 से 1999 के बीच, उन्होंने ‘मॉनिटर’ नाम की एक ब्रिटिश कंपनी के लिए काम किया, जो बाद में बंद हो गई. इसके बाद, वह ‘बैकऑप्स’ नाम की एक दूसरी ब्रिटिश कंपनी में पार्टनर बने और 2003 से 2009 तक उसके डायरेक्टर रहे; बाद में वह कंपनी भी बंद हो गई. यहां सिर्फ ‘प्रोडक्ट’ ही फेल नहीं हो रहा, बल्कि वे कंपनियां भी फेल हो रही हैं.”
राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस निचले स्तर पर
सुधांशु ने राहुल की लीडरशिप को भी निशाना बनाया और कहा कि “2014 में, कांग्रेस पार्टी ने उन्हें अपना अघोषित नेता बना दिया और उस चुनाव में पार्टी लोकसभा में अपनी अब तक की सबसे निचली संख्या पर आ गई. बचपन में हम सपना देखते थे कि एक दिन बीजेपी अपने दम पर स्पष्ट बहुमत हासिल करेगी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में वह सपना सच हो गया. हम यह भी सोचते थे कि क्या कांग्रेस कभी 100 सीटों से नीचे जा सकती है. 2014 में यह 50 सीटों से भी नीचे आ गई.”
राहुल गांधी या कांग्रेस के पास कोई प्लानिंग नहीं
कांग्रेस इस समय खतरनाक स्थिति में है. जब-जब राहुल गांधी विदेश यात्रा पर जाते हैं, अज्ञात स्थानों पर जाते हैं. संदिग्ध व्यक्तियों से मिलते हैं. विदेश से आकर राहुल देश विरोधी प्रचार करते हैं. विशेष पदार्थों के सेवन के बाद व्यक्ति को मतिभ्रम होने लगता है. ना सिस्टर को प्लानिंग का पता है ना राहुल को पता रहता है क्योंकि प्लानिंग तो कहीं और से हो रही है. वो तो सिर्फ एक्जीक्यूटर हैं. स्वतंत्रता की लड़ाई अभी मानसिक रूप से बाकी है .
