MP राज्यसभा चुनाव: कांग्रेस विधायकों को शिफ्ट किए जाने पर दिग्विजय सिंह बोले, ‘मैंने सुना है कि…’

MP राज्यसभा चुनाव: कांग्रेस विधायकों को शिफ्ट किए जाने पर दिग्विजय सिंह बोले, ‘मैंने सुना है कि…’

18 जून को होने वाले राज्यसभा चुनाव से 9 दिन पहले कांग्रेस ने अपने विधायकों को बेंगलुरू शिफ्ट कर रही है. कांग्रेस के विधायकों का कहना है कि हम एकजुट हैं. लेकिन बीजेपी की तरफ से साम, दाम, दंड, भेद का इस्तेमाल किया जा रहा है. लिहाजा हम सुरक्षित जगह पर जा रहे हैं .

विधायकों का कहना है कि एक दूसरे के साथ समय बिताएंगे और एकजुट रहेंगे. कांग्रेस विधायक विक्रांत भूरिया ने आरोप लगाया कि विधायकों को 5 करोड़ रुपये का लालच दिया जा रहा है. साथ ही विधायक निधि बढ़ाए जाने की भी बात कही जा रही है.

इसी बीच दिग्विजय सिंह भी एयरपोर्ट पहुंचे. उन्होंने कहा, “मैंने सुना कि विधायक कर्नाटक जा रहे हैं इसलिए देखने चला आया. बीजेपी महिला विरोधी है.” उन्होंने विश्वास जताया कि 18 तारीख को सारे कांग्रेस की विधायक एकजुट नजर आएंगे और हमारी जीत होगी.

मध्य प्रदेश में राज्यसभा की तीन सीटों पर चुनाव होने हैं. कुल चार उम्मीदवार मैदान में हैं. बीजेपी ने सेतरुण चुघ, रजनीश अग्रवाल और महेश केवट उम्मीदवार हैं, जबकि कांग्रेस ने मीनाक्षी नटराजन को अपना प्रत्याशी बनाया.

मध्य प्रदेश में एक राज्यसभा सीट जीतने के लिए 58 विधायकों के वोट की जरूरत है. राज्य में बीजेपी की सरकार है. उसके पास कुल 164 सीटें हैं. वहीं कांग्रेस के पास 64 सीटें हैं. इस हिसाब से कांग्रेस एक और बीजेपी दो सीट आराम से जीत सकती है.

तीनों सीट जीतने के लिए बीजेपी को 174 विधायकों के वोट चाहिए जो उसके पास नहीं है. अगर बीजेपी को तीनों सीटें जीतनी हैं तो उसे 10 और विधायकों के वोट चाहिए. बीजेपी के दो सीटें जीतने के बाद (164-116) 48 वोट बचेंगे. कांग्रेस के एक सीट जीतने के बाद (64-58) 6 वोट बचेंगे.

बचे हुए कांग्रेस के 6 वोट और बीजेपी के 48 वोट को मिला दें तो ये आंकड़ा 54 हो जाता है. यानी ये एक राज्यसभा सीट जीतने के लिए अनिवार्य संख्या 58 से 4 फिर भी कम ही हैं. लेकिन बीजेपी ने तीसरा उम्मीदवार उतार दिया. कांग्रेस को क्रॉस वोटिंग का डर है. इसलिए विधायकों को शिफ्ट कर रही है.

नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा, “सभी विधायक एयरपोर्ट पर हैं. जो लोग जा रहे हैं, वे सुरक्षित रहेंगे, एकजुट रहेंगे. सभी विधायकों की यही राय थी कि हमें साथ रहना चाहिए और एकजुट रहना चाहिए. जिस तरह से बीजेपी पूरे देश में लोकतंत्र को कमजोर करने की कोशिश कर रही है, वही काम यहां भी कर रही है.”

क्रॉस वोटिंग के सवाल पर कांग्रेस के पूर्व सांसद अरुण यादव कहा, “किसी शंका की बात नहीं है. हम लोग पूर्ण बहुमत के साथ जीतेंगे. भाजपा की पुरानी फितरत है. मध्य प्रदेश में हुए 2018 के चुनाव में भी उन्होंने यही किया था. जहां जहां चुनाव हुए हैं, इस तरह की फितरत भाजपा करती रही है. कांग्रेस के तमाम वरिष्ठ नेता, विधायक साथी दल सभी साथ में हैं. हम पूर्ण बहुमत से जीतेंगे.”

Leave a Reply