फारूक अब्दुल्ला के बयान पर भड़के मौलाना खालिद रशीद, बोले- जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न अंग, किसी दूसरे देश की सुरक्षा का दावा अस्वीकार्य

फारूक अब्दुल्ला के बयान पर भड़के मौलाना खालिद रशीद, बोले- जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न अंग, किसी दूसरे देश की सुरक्षा का दावा अस्वीकार्य

लखनऊ। जम्मू-कश्मीर को लेकर नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला के बयान पर विवाद गहराता जा रहा है। उनके बयान को लेकर राजनीतिक और धार्मिक संगठनों की ओर से तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। इसी बीच ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के कार्यकारी सदस्य मौलाना खालिद रशीद फिरंगी महली ने कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है और इसकी सुरक्षा को लेकर किसी दूसरे देश की भूमिका बताना पूरी तरह अस्वीकार्य है।

उन्होंने कहा कि जिसने भी इस तरह का बयान दिया है, उसे सार्वजनिक रूप से अपना स्पष्टीकरण देना चाहिए।

जम्मू-कश्मीर की सुरक्षा में जवानों ने दी शहादत

मौलाना खालिद रशीद फिरंगी महली ने कहा कि इसमें कोई संदेह नहीं है कि जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न हिस्सा है। इस पूरे क्षेत्र की सुरक्षा हमेशा भारतीय सुरक्षा बलों ने सुनिश्चित की है।

उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर में भारतीय सेना, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) और जम्मू-कश्मीर पुलिस सहित बड़ी संख्या में सुरक्षाकर्मी तैनात हैं। क्षेत्र में शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए अनेक जवानों ने अपने प्राणों की आहुति दी है।

मौलाना ने कहा, “यह कहना कि कोई अन्य देश जम्मू-कश्मीर की सुरक्षा संभाल रहा है, पूरी तरह से अस्वीकार्य है। यह आपत्तिजनक और निंदनीय है। जिसने भी यह बयान दिया है, उसे अपने बयान पर स्पष्टीकरण देना चाहिए।”

बरेली के मौलाना शाहबुद्दीन रजवी ने भी जताई आपत्ति

फारूक अब्दुल्ला के बयान पर बरेली के मौलाना शाहबुद्दीन रजवी ने भी आपत्ति दर्ज कराई है। उन्होंने जम्मू-कश्मीर को भारत का अभिन्न अंग बताते हुए अब्दुल्ला के बयान को खारिज कर दिया।

धार्मिक नेताओं की ओर से सामने आई इन प्रतिक्रियाओं के बाद फारूक अब्दुल्ला के बयान को लेकर विवाद और तेज हो गया है।

कैबिनेट मंत्री सुरेश खन्ना ने फारूक अब्दुल्ला को घेरा

उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री सुरेश खन्ना ने भी इस मामले में फारूक अब्दुल्ला पर निशाना साधा है। उन्होंने जम्मू-कश्मीर की बदहाली के लिए अब्दुल्ला को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार बनने के बाद जम्मू-कश्मीर देश की मुख्यधारा से जुड़कर विकास के रास्ते पर आगे बढ़ रहा है।

आखिर फारूक अब्दुल्ला ने क्या कहा था?

दरअसल, शनिवार को बारामूला में नेशनल कॉन्फ्रेंस के कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए फारूक अब्दुल्ला ने कश्मीर के मुद्दे पर पाकिस्तान और अंतरराष्ट्रीय दबाव का जिक्र किया था।

उन्होंने कहा था कि पाकिस्तान लगातार वैश्विक मंचों पर यह मुद्दा उठाता रहा है कि कश्मीर को लेकर अब तक कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ है।

अब्दुल्ला ने पाकिस्तान को ‘हमारा पड़ोसी’ बताते हुए कहा कि उसके इस रुख के कारण दुनिया का ध्यान कश्मीर की ओर जाता है और दिल्ली पर अंतरराष्ट्रीय दबाव बनता है। उन्होंने दिल्ली की खामोशी के पीछे भी अंतरराष्ट्रीय दबाव होने की बात कही थी।

उनके इसी बयान को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। हालांकि, बयान के बाद मौलाना खालिद रशीद फिरंगी महली ने स्पष्ट किया कि जम्मू-कश्मीर की सुरक्षा और भारत की संप्रभुता के मुद्दे पर किसी तरह का भ्रम पैदा नहीं किया जाना चाहिए।

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