दिल्ली के मालवीय नगर में रेस्टोरेंट में भीषण आग, 21 लोगों की मौत; कई विदेशी नागरिक भी शामिल
नई दिल्ली। दक्षिण दिल्ली के मालवीय नगर इलाके में स्थित हौजरानी के एक रेस्टोरेंट में बुधवार सुबह लगी भीषण आग ने बड़ा हादसा पैदा कर दिया। घटना में अब तक 21 लोगों की मौत की सूचना है, जबकि कई अन्य घायल बताए जा रहे हैं। मृतकों में कुछ विदेशी नागरिकों के भी शामिल होने की जानकारी सामने आई है।
बताया जा रहा है कि हादसा सुबह नाश्ते के समय हुआ, जब रेस्टोरेंट में बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे। आग सबसे पहले इमारत के बेसमेंट में संचालित रेस्टोरेंट में लगी और देखते ही देखते पूरी बिल्डिंग में फैल गई।
जान बचाने के लिए ऊपरी मंजिलों से कूदे लोग
आग की भयावहता को देखते हुए इमारत में फंसे कई लोगों ने जान बचाने के लिए ऊपरी मंजिलों से नीचे छलांग लगा दी। स्थानीय लोगों ने सड़क पर गद्दे बिछाकर कई लोगों को सुरक्षित उतरने में मदद की। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग और धुएं के कारण भवन के अंदर हालात बेहद गंभीर हो गए थे।
गेस्ट हाउस में ठहरे थे कई लोग
रेस्टोरेंट के ऊपर एक गेस्ट हाउस भी संचालित हो रहा था, जहां कई विदेशी नागरिक और अस्पताल में भर्ती मरीजों के परिजन ठहरे हुए थे। रेस्टोरेंट के सामने स्थित अस्पताल में इलाज करा रहे लोगों के परिजन भी यहां रह रहे थे। घटना के समय इमारत में 60 से अधिक लोगों के मौजूद होने की बात कही जा रही है।
राहत और बचाव अभियान जारी
दमकल विभाग के अनुसार, सुबह करीब 8:50 बजे आग लगने की सूचना मिली, जिसके बाद कई दमकल गाड़ियों को मौके पर भेजा गया। अग्निशमन कर्मियों ने तत्काल राहत कार्य शुरू किया और बेसमेंट में फंसे लोगों को बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया।
दिल्ली पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के मुताबिक, आग लगने के कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है। मौके पर बचाव एवं जांच कार्य जारी है और मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका से भी इनकार नहीं किया गया है।
प्रशासन कर रहा है जांच
जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग के अधिकारियों ने घटनास्थल का दौरा कर हालात का जायजा लिया। अधिकारियों का कहना है कि आग लगने के कारणों की विस्तृत जांच कराई जाएगी और यह भी देखा जाएगा कि भवन में अग्नि सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं।
भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने पर जोर
स्थानीय जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों ने हादसे पर दुख जताते हुए कहा कि राहत और बचाव कार्य सर्वोच्च प्राथमिकता है। साथ ही यह सुनिश्चित करने की बात कही गई है कि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो और सुरक्षा मानकों को सख्ती से लागू किया जाए।
