ममता के सबसे भरोसेमंद MP ने ही खोला मोर्चा, आधी रात को आए एक कॉल से क्यों भड़के कल्याण बनर्जी? इनसाइड स्टोरी
कोलकाता। तृणमूल कांग्रेस (TMC) के वरिष्ठ सांसद और वकील कल्याण बनर्जी ने राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी का केस लड़ने से साफ मना कर दिया है। कल्याण बनर्जी ने यह बड़ा फैसला अपने बेटे (जो खुद एक वकील हैं) को रात में आए एक फोन कॉल के बाद लिया, जिसमें अभिषेक बनर्जी की ओर से किसी जूनियर वकील द्वारा पैरवी कराने की बात कही गई थी।
अभिषेक बनर्जी द्वारा फोन पर मना करने वाली बात को अपना अपमान बताते हुए कल्याण बनर्जी ने अभिषेक के ‘अहंकार’ पर तीखा हमला बोला और पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को अल्टीमेटम देते हुए कहा कि वह ‘अभिषेक या वफादारों’ में से किसी एक को चुन लें।
ममता के सबसे भरोसेमंद सांसद कल्याण बनर्जी जिनकों चीफ व्हिप बनाने के लिए 40 साल पुरानी सहयोगी काकोली घोष को पद से हटा दिया, अब वही कल्याण बनर्जी ममता बनर्जी के भतीजे से नाराज नजर आ रहे हैं। कल्याण बनर्जी ने कहा, “मैं पिछले 45 वर्षों से कानूनी पेशे में हूं। मैं अभिषेक बनर्जी का अहंकार बर्दाश्त नहीं करूंगा।
क्या है पूरा मामला
दरअसल, यह पूरा मामला विधायकों के हस्ताक्षर मेल न खाने से जुड़ा है। इस मामले में आज कलकत्ता हाई कोर्ट में सुनवाई थी। सुनवाई से पहले बुधवार देर रात को कल्याण बनर्जी के बेटे के पास अभिषेक का फोन आया और कहा कि गुरुवार को सुनवाई में उनका पक्ष कोई और वकील रखेगा, जो कानूनी पेशे में मुझसे काफी जूनियर है।”
जिसके बाद कल्याण बनर्जी ने उनका केस लड़ने से इनकार कर दिया। बाद में पता चला कि कल्याण बनर्जी के बेटे शिरशान्य बनर्जी, जो खुद एक प्रैक्टिसिंग वकील हैं, और उनके अन्य जूनियर भी अभिषेक बनर्जी से जुड़े किसी कानूनी मामले में शामिल नहीं रहेंगे।
अभिषेक बनर्जी से जुड़े मामले में दूर रहने का फैसला
कल्याण बनर्जी ने मीडिया से कहा कि मैंने अभिषेक बनर्जी से जुड़े किसी भी कानूनी मामले से दूर रहने का फैसला किया है। उनका लगातार बढ़ता अहंकार अकल्पनीय है। इसके साथ ही उन्होंने बंगाल की पूर्व सीएम ममता बनर्जी को अल्टीमेटम देते हुए कहा कि वह अभिषेक बनर्जी और उन लोगों के बीच किसी एक को चुनें जो अभी भी उनके प्रति वफादार हैं।
