स्वच्छता प्रमाण-पत्र का भट्ठा मालिकों ने किया विरोध, राज्यमंत्री को सौंपा ज्ञापन
राज्यमंत्री जसवंत सैनी ने मुख्यमंत्री से वार्ता कर समस्या के समाधान का दिया आश्वासन, कोयले की बढ़ती कीमतों से आर्थिक संकट का हवाला
रामपुर मनिहारान (सहारनपुर)। उत्तर प्रदेश में ईंट भट्ठों पर पर्यावरण स्वच्छता प्रमाण-पत्र लागू किए जाने के मुद्दे पर भट्ठा मालिकों ने विरोध जताया है। जिला ईंट निर्माता समिति रजिस्टर्ड से जुड़े भट्ठा मालिकों ने संसदीय कार्य एवं औद्योगिक विकास राज्यमंत्री जसवंत सैनी को ज्ञापन सौंपकर इस व्यवस्था को लागू नहीं करने की मांग की। राज्यमंत्री ने समिति के प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया कि वह मुख्यमंत्री से वार्ता कर समस्या का समाधान कराने का प्रयास करेंगे।
स्वच्छता प्रमाण-पत्र को बताया आर्थिक बोझ
जिला ईंट निर्माता समिति रजिस्टर्ड के अध्यक्ष सन्नी चौधरी के नेतृत्व में पहुंचे प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि पर्यावरण स्वच्छता प्रमाण-पत्र की व्यवस्था से ईंट उद्योग पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ एनजीओ इस व्यवस्था को भट्ठों पर लागू कराना चाहती हैं, जिससे प्रमाण-पत्र बनवाने के नाम पर भट्ठा मालिकों को परेशानी और आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।
समिति के पदाधिकारियों ने कहा कि ईंट उद्योग पहले से ही बढ़ते टैक्स और ईंधन की कीमतों में वृद्धि के कारण आर्थिक संकट से गुजर रहा है। उनके मुताबिक, कोयले की कीमत 10 हजार रुपये प्रति टन से बढ़कर 27 हजार रुपये प्रति टन तक पहुंच गई है। ऐसे में भट्ठों का संचालन करना मुश्किल हो रहा है और कई भट्ठा मालिक काम जारी रखने की स्थिति में नहीं हैं।
अन्य राज्यों की तर्ज पर व्यवस्था लागू नहीं करने की मांग
समिति ने मुख्यमंत्री और राज्यमंत्री से मांग की कि उत्तर प्रदेश में पर्यावरण स्वच्छता प्रमाण-पत्र की व्यवस्था लागू नहीं की जाए। प्रतिनिधिमंडल का कहना था कि इससे ईंट उद्योग को आर्थिक नुकसान होगा, जबकि इसे लागू नहीं करने से केंद्र और राज्य सरकार के राजस्व पर कोई प्रतिकूल असर नहीं पड़ेगा।
राज्यमंत्री जसवंत सैनी ने समिति के पदाधिकारियों और सदस्यों को भरोसा दिलाया कि वह लखनऊ में मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपकर इस मुद्दे पर वार्ता करेंगे और समस्या का समाधान कराने का प्रयास करेंगे।
इस दौरान समिति के सदस्यों ने जनपद की रॉयल्टी शीघ्र जमा कराने का भी आश्वासन दिया।
प्रतिनिधिमंडल में समिति के संरक्षक पंडित बृजभूषण शर्मा, प्रेमचंद सैनी, महामंत्री अरुण राणा, कोषाध्यक्ष वरुण सैनी, श्रवण कुमार शर्मा, सुरेंद्र अरोड़ा, संजय चौधरी, अमित राणा, छोटू सैनी, ओमवीर सिंह, सत्तार अली और अनिल शर्मा सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे।
