जनगणना-2027 के प्रशिक्षण में समझाईं गणना की बारीकियां

जनगणना-2027 के प्रशिक्षण में समझाईं गणना की बारीकियां

सहारनपुर नगर निगम के तीन जोन में 778 प्रगणकों और पर्यवेक्षकों को दिया गया प्रशिक्षण, डिजिटल आंकड़े जुटाने और गोपनीयता पर जोर

सहारनपुर। जनगणना-2027 के द्वितीय चरण की तैयारियों के तहत नगर निगम सहारनपुर के तीन जोन में तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें कुल 778 प्रगणकों और पर्यवेक्षकों को जनगणना की प्रक्रिया, मकान एवं परिवार की पहचान, प्रश्नावली भरने और मोबाइल एप के माध्यम से डिजिटल आंकड़े जुटाने की जानकारी दी गई। प्रशिक्षण के दौरान जनगणना में पूछे जाने वाले 40 प्रश्नों को विस्तार से समझाया गया और गणना कार्य को समयबद्ध व त्रुटिरहित तरीके से पूरा करने पर जोर दिया गया।

तीन स्थानों पर आयोजित हुआ प्रशिक्षण

जोन एक का प्रशिक्षण डीपीएस स्कूल में जोन प्रभारी एवं सहायक नगरायुक्त जेपी यादव के निर्देशन में हुआ। जोन दो का प्रशिक्षण लॉर्ड महावीरा एकेडमी में कर निर्धारण अधिकारी श्रुति महेश्वरी के निर्देशन में आयोजित किया गया। वहीं, जोन तीन का प्रशिक्षण राजकीय इंटर कॉलेज, नेहरू मार्केट में सहायक नगरायुक्त विकास दुबे के निर्देशन में दिया गया।

जोन एक में सहायक निदेशक जनगणना आशुतोष गुप्ता, जोन दो में नगर निगम के सहायक लेखाधिकारी राजीव कुशवाहा तथा जोन तीन में वरिष्ठ लेखा परीक्षक अजमैन सहित अन्य मास्टर ट्रेनरों ने प्रशिक्षण दिया।

40 प्रश्नों की दी गई विस्तृत जानकारी

प्रशिक्षण के दौरान प्रगणकों और पर्यवेक्षकों को संक्षिप्त मकान सूची (एएचएल), जनगणना प्रश्नावली और परिवारों की सही पहचान की प्रक्रिया समझाई गई। प्रत्येक प्रश्न के उद्देश्य, सही जानकारी एकत्र करने और उसे दर्ज करने के तरीके के बारे में बताया गया। साथ ही गणना के दौरान बरती जाने वाली आवश्यक सावधानियों पर भी चर्चा की गई।

प्रशिक्षकों ने मोबाइल एप के संचालन, डिजिटल आंकड़े संकलित करने, सूचनाओं की शुद्धता बनाए रखने और उनकी गोपनीयता सुनिश्चित करने के बारे में जानकारी दी। प्रतिभागियों की शंकाओं का समाधान करते हुए उन्हें गणना के दौरान आने वाली संभावित समस्याओं से निपटने के तरीके भी बताए गए।

कोई व्यक्ति गणना से न छूटे, दोहरी गणना भी न हो

प्रशिक्षकों ने कहा कि जनगणना एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय दायित्व है। इसलिए प्रत्येक व्यक्ति की सही गणना सुनिश्चित करना जरूरी है। किसी भी व्यक्ति को गणना से छूटना नहीं चाहिए और न ही किसी की दोहरी गणना होनी चाहिए। सभी प्रगणकों और पर्यवेक्षकों को निर्देश दिए गए कि वे निर्धारित प्रक्रिया का पालन करते हुए पूरी सावधानी और जिम्मेदारी से कार्य करें।

स्व-गणना 16 नवंबर से 30 नवंबर तक

निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, उत्तर प्रदेश में जनगणना-2027 के लिए स्व-गणना की अवधि 16 नवंबर से 30 नवंबर 2026 तक निर्धारित है। इसके बाद घर-घर जाकर जनगणना करने का कार्य 1 दिसंबर 2026 से 4 जनवरी 2027 तक किया जाएगा।