केजरीवाल बोले -हर्ड इम्युनिटी की ओर दिल्ली, मेट्रो को खोलने के दिए संकेत

 

 नई दिल्ली
जो दिल्ली कुछ हफ्ते पहले कोरोना की जबर्दस्त चपेट में थी, क्या अब वह हर्ड इम्युनिटी यानी कोरोना प्रूफ होने की ओर बढ़ चली है? दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के मुताबिक देश की राजधानी के करीब एक तिहाई लोग इम्युनिटी हासिल कर रहे हैं। केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली अब हर्ड इम्युनिटी की ओर बढ़ रही है। बता दें कि हर्ड इम्युनिटी कोरोना संक्रमण की वह स्थिति है, जिसमें अधिकतर आबादी (हालांकि अभी यह साफ नहीं है कि यह प्रतिशत कितना है) संक्रमण के चपेट में आ जाती है और कोरोना के फैलने पर ब्रेक लग जाता है।

केजरीवाल ने कहा है कि दिल्ली अब ‘हर्ड इम्यूनिटी’ की ओर बढ़ रही है। उन्होंने इसके साथ ही यह अनुमान भी लगाया कि राज्य की करीब एक तिहाई आबादी में कोरोना वायरस के प्रति एंटी-बॉडीज तैयार हो चुकी हैं।

डॉक्टर से समझें, कैसे काम करती है हर्ड इम्युनिटी

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हमारे सहयोगी अखबार इकॉनमिक टाइम्स को एक दिए एक खास इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि अब उनका मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि दिल्ली में और लॉकडाउन न लगाना पड़े। केजरीवाल ने यह भी कहा कि उन्हें लगता है कि दिल्ली मेट्रो सेवाएं शुरू करने के लिए भी तैयार थी। हालांकि दिल्ली सरकार को मेट्रो खोलने के लिए केंद्र सरकार की अनुमति की जरूरत होगी।

दिल्ली के सभी 11 जिलों में करवाए गए सीरो सर्वे के आधार पर केजरीवाल ने ईटी को बताया, ‘यह सर्वे जिसमें पता चला कि दिल्ली के 24 प्रतिशत लोगों में कोरोना वायरस के प्रति ऐंटी-बॉडी मिली हैं 27 जून से 10 जुलाई के बीच करवाया गया था। तो इससे भी पता चलता है कि ऐंटीबॉडी कम से कम 15 दिन पहले तैयार हो गई होंगी। यानी यह तस्वीर 10 जून की रही होगी। अगर जून की शुरुआत में यह हाल था तो मुझे लगता है कि अब यह आंकड़ा 30 से 35 फीसदी हो गया होगा। क्या हम हर्ड इम्यूनिटी हासिल कर चुके हैं अथवा नहीं यह तो विशेषज्ञ ही बता सकते हैं। लेकिन हम हर्ड इम्यूनिटी की ओर बढ़ रहे हैं। इसका अर्थ है कि दिल्ली के 60-70 लोग कोरोना के संपर्क में आ चुके होंगे और ठीक भी हो गए होंगे।’

केजरीवाल के मुताबिक दिल्ली में कोरोना के मामले घटने के पीछे उनकी सरकार की होम आइसोलेशन, टेस्टिंग और अस्पतालों में ऑक्सीजन सपॉर्ट बेड लगातार बढ़ाते रहने की रणनीति रही। उन्होंने कहा, ‘अभी यह कहना जल्दबाजी होगा कि दिल्ली में कोरोना का पीक जा चुका है। कोविड 19 की तुलना 1918 के स्पैनिश फ्लू से भी की जा रही है, जिसमें तीन पीक आए थे।’

 
 

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