शहर जमीयत उलेमा की कार्यकारिणी की महत्वपूर्ण बैठक सम्पन्न, विभिन्न प्रकोष्ठों को सक्रिय करने पर जोर

शहर जमीयत उलेमा की कार्यकारिणी की महत्वपूर्ण बैठक सम्पन्न, विभिन्न प्रकोष्ठों को सक्रिय करने पर जोर
सहारनपुर में शहर जमीयत उलेमा की बैठक में चर्चा करते मौलाना।

सहारनपुर। जमीयत उलेमा शहर सहारनपुर की कार्यकारिणी की एक महत्वपूर्ण बैठक मदरसा दारुल तदरीब अल-इस्लामी, हाकिम शाह कॉलोनी में शहर अध्यक्ष मौलाना मोहम्मद अतहर हक्कानी नदवी की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। बैठक का शुभारंभ मदरसे के छात्र मोहम्मद अहमद द्वारा पवित्र कुरआन की तिलावत से हुआ।

नात-ए-पाक का नजराना मोहम्मद नोमान नसीर एवं मोहम्मद अबूजर ने पेश किया। बैठक का संचालन महासचिव कारी मोहम्मद आरिफ मजाहिरी ने किया। उन्होंने पिछली बैठक की कार्यवाही एवं संगठन की गतिविधियों की रिपोर्ट प्रस्तुत की, जिसे कार्यकारिणी के सभी सदस्यों ने सर्वसम्मति से अनुमोदित करते हुए संतोष व्यक्त किया। सामाजिक सुधार (इस्लाह-ए-मुआशरा) प्रकोष्ठ के शहर संयोजक मौलाना मोहम्मद हारिस मजाहिरी ने विभाग की गतिविधियों की रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए इसे और अधिक सक्रिय बनाने के लिए महत्वपूर्ण सुझाव रखे। बैठक ने इन प्रस्तावों को सर्वसम्मति से पारित करते हुए हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया। बैठक में संगठनात्मक, शैक्षिक एवं सामाजिक सुधार से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया तथा कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किए गए।

इस अवसर पर शहर अध्यक्ष मौलाना मोहम्मद अतहर हक्कानी नदवी ने इस्लाह-ए-मुआशरा, दीनी तालीमी बोर्ड, जन-जन विकास सेवा, सद्भावना मंच, जमीयत स्टडी सेंटर, यूथ क्लब तथा जमीयत के अन्य प्रकोष्ठों का परिचय देते हुए उनकी आवश्यकता एवं उपयोगिता पर प्रकाश डाला। उन्होंने शहर स्तर पर सभी प्रकोष्ठों को सक्रिय एवं संगठित करने का संकल्प व्यक्त किया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में समाज की धार्मिक, नैतिक एवं शैक्षिक सुधार की जिम्मेदारी जमीयत की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से ईमानदारी, अनुशासन एवं जिम्मेदारी की भावना के साथ संगठन को मजबूत बनाने का आह्वान किया। संगठन को और अधिक सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से जामिया हुदा लिल आलमीन, हिलालपुर के नाजिम एवं कार्यकारिणी सदस्य मौलाना अब्दुर्रहमान कासमी को सर्वसम्मति से नाजिम-ए-तंजीम नियुक्त किया गया। वहीं सामाजिक सुधार प्रकोष्ठ के शहर संयोजक मौलाना मोहम्मद हारिस मजाहिरी के सहयोगी के रूप में जमीयत के सचिव मौलाना फजील अहमद मजाहिरी को सह-संयोजक चुना गया। बैठक में दीनी तालीमी बोर्ड के गठन को अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए मौलाना मुफ्ती अब्दुल हसीब जामई को शहर संयोजक तथा मौलाना राशिद मलिक कासमी को सह-संयोजक नियुक्त किया गया।

बैठक में संरक्षक एवं मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित जमीयत उलेमा जिला सहारनपुर के अध्यक्ष मौलाना मोहम्मद गुलफाम मजाहिरी ने दीनी तालीमी बोर्ड की आवश्यकता एवं उसके उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वर्तमान समय में नई पीढ़ी के ईमान, धार्मिक मूल्यों, इस्लामी संस्कृति एवं बुनियादी धार्मिक शिक्षा की सुरक्षा के लिए एक सुदृढ़ एवं संगठित शैक्षिक व्यवस्था अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि बोर्ड का उद्देश्य मकातिब की स्थापना, पाठ्यक्रम की निगरानी, शिक्षकों का प्रशिक्षण, शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार तथा विद्यार्थियों के धार्मिक एवं नैतिक विकास को सुनिश्चित करना है, ताकि प्रत्येक मोहल्ले, मस्जिद एवं बस्ती तक धार्मिक शिक्षा का प्रभावी नेटवर्क स्थापित किया जा सके।

बैठक में मुफ्ती मतीउर्रहमान कासमी को जमीयत उलेमा शहर सहारनपुर का प्रवक्ता एवं मीडिया प्रभारी भी सर्वसम्मति से नियुक्त किया गया। बैठक में इस बात पर विशेष बल दिया गया कि वर्तमान धार्मिक एवं सामाजिक परिस्थितियों को देखते हुए मस्जिद-स्तर, मोहल्ला-स्तर एवं गली-स्तर पर मकातिब स्थापित किए जाएं, उनके संचालन को व्यवस्थित बनाया जाए तथा उनकी मासिक प्रगति रिपोर्ट संगठन के केंद्रीय पदाधिकारियों को भेजी जाए। इसके अतिरिक्त समाज में आपसी भाईचारा, राष्ट्रीय एकता एवं सद्भाव को बढ़ावा देने पर भी विस्तृत चर्चा हुई, जिसका सभी सदस्यों ने समर्थन किया।

बैठक में कारी मोहम्मद यूसुफ काशिफी (उपाध्यक्ष), कारी मोहम्मद इस्लाम, कारी शब्बीर अहमद कासमी, मुफ्ती अब्दुल कय्यूम मजाहिरी, मौलाना अमीर हसन कासमी, कारी शमऊन अहमद काशिफी तथा कारी मोहम्मद सालिम काशिफी सहित अनेक पदाधिकारी एवं कार्यकारिणी सदस्य उपस्थित रहे।