शोभित विश्वविद्यालय में विश्वकर्मा जयंती पर हवन-पूजन, मशीनरी व औजारों की भी पूजा

शोभित विश्वविद्यालय में विश्वकर्मा जयंती पर हवन-पूजन, मशीनरी व औजारों की भी पूजा

गंगोह, 17 सितंबर। शोभित विश्वविद्यालय गंगोह में भगवान विश्वकर्मा जयंती के अवसर पर मैकेनिकल इंजीनियरिंग, सिविल इंजीनियरिंग तथा इलेक्ट्रिकल एंड इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग विभागों की ओर से विधि-विधान के साथ हवन-पूजन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के शिक्षकों एवं कर्मचारियों ने भगवान विश्वकर्मा की प्रतिमा के समक्ष पूजा-अर्चना कर अभियांत्रिकी एवं तकनीकी क्षेत्र में निरंतर प्रगति की कामना की।

कार्यक्रम में डीन एकेडमिक्स प्रो. (डॉ.) तरुण कुमार शर्मा, प्रो. (डॉ.) जसवीर सिंह, डॉ. नवीन कुमार, डॉ. अनिल रॉयल, अजय शर्मा, अनिल जोशी, संदीप कुमार, वित्त-लेखा अधिकारी जसवीर सिंह, कुलबीर, जसवीर सहित शिक्षकगण उपस्थित रहे।

विश्वकर्मा जयंती के अवसर पर भगवान विश्वकर्मा की पूजा का विशेष महत्व माना जाता है। उन्हें सृजन, शिल्प, निर्माण और तकनीकी कौशल का प्रतीक माना जाता है। विशेष रूप से तकनीकी एवं निर्माण क्षेत्र से जुड़े लोग इस दिन अपने कार्यस्थल, मशीनों और औजारों की पूजा कर कार्य में सफलता एवं उत्कृष्टता की कामना करते हैं। इसी क्रम में विश्वविद्यालय के मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग में मशीनी उपकरणों एवं औजारों का भी विधिवत पूजन किया गया।

इस अवसर पर शोभित विश्वविद्यालय गंगोह के कुलपति प्रो. (डॉ.) बूटा सिंह सिद्धू, कुलसचिव प्रो. (डॉ.) महिपाल सिंह तथा संस्था के केयरटेकर सूफी जहीर अख्तर ने कार्यक्रम के आयोजकों को शुभकामनाएं दीं।

कुलपति प्रो. (डॉ.) बूटा सिंह सिद्धू ने कहा कि भगवान विश्वकर्मा सृजन, शिल्प, तकनीकी कौशल एवं निर्माण के प्रतीक हैं। उनका पूजन यह संदेश देता है कि ज्ञान, कौशल, परिश्रम और रचनात्मकता के समन्वय से ही समाज और राष्ट्र का सतत विकास संभव है।

कार्यक्रम का समापन अभियांत्रिकी एवं तकनीकी शिक्षा में समृद्धि, सुरक्षा और निरंतर उत्कृष्टता की कामना के साथ प्रार्थना कर किया गया।

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