‘ड्यूटी निभाइए, जिम्मेदारी मेरी’; CRPF चीफ ने जवानों को दिया भरोसा, पैलेट गन विवाद के बीच बढ़ाया मनोबल

‘ड्यूटी निभाइए, जिम्मेदारी मेरी’; CRPF चीफ ने जवानों को दिया भरोसा, पैलेट गन विवाद के बीच बढ़ाया मनोबल
महानिदेशक ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह

नई दिल्ली। केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के महानिदेशक ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह ने बल के जवानों का मनोबल बढ़ाते हुए कहा है कि वे बिना किसी भय के अपने कर्तव्यों का पालन करें। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि देशहित, जनहित और संगठन के हित में ईमानदारी से लिए गए फैसलों और की गई कार्रवाई की जिम्मेदारी वह स्वयं लेने के लिए तैयार हैं।

सीआरपीएफ अलंकरण समारोह को संबोधित करते हुए महानिदेशक ने कहा कि चाहे ऑपरेशनल बटालियन हों या कानून-व्यवस्था संभालने वाली इकाइयां, सभी जवान अपने दायित्वों का निर्भीकता से निर्वहन करते रहें। उन्होंने भरोसा दिलाया कि यदि किसी निर्णय या कार्रवाई को लेकर जवाबदेही तय करने की जरूरत पड़ती है तो वह महानिदेशक के तौर पर उसका दायित्व स्वीकार करेंगे।

RAF जवानों के समर्थन में आया नेतृत्व

ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह का यह बयान ऐसे समय में आया है जब सीआरपीएफ की विशेष इकाई रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) की भूमिका को लेकर बहस जारी है। नीट परीक्षा पेपर लीक के विरोध में हुए प्रदर्शन के दौरान पैलेट गन के इस्तेमाल को लेकर आरएएफ जवानों से सवाल पूछे जा रहे हैं। ऐसे माहौल में सीआरपीएफ प्रमुख ने अपने कर्मियों द्वारा ड्यूटी के दौरान लिए गए फैसलों और की गई कार्रवाई के प्रति समर्थन जताया है।

CRPF का दावा- SOP के अनुसार हुई कार्रवाई

सीआरपीएफ के आंतरिक आकलन के अनुसार, 20 जुलाई को नीट पेपर लीक विरोधी प्रदर्शन के दौरान की गई पुलिस कार्रवाई में आरएएफ कर्मियों ने सभी मानक संचालन प्रक्रियाओं (SOP) और निर्धारित प्रोटोकॉल का पालन किया था। बल का कहना है कि जवानों ने तय नियमों के तहत ही अपनी जिम्मेदारियां निभाईं।

कानून-व्यवस्था में अहम भूमिका निभाती है CRPF

देश में कानून-व्यवस्था बनाए रखने, पूर्वोत्तर में उग्रवाद और मध्य भारत में नक्सलवाद जैसी चुनौतियों से निपटने में सीआरपीएफ की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। रैपिड एक्शन फोर्स इसी बल की विशेष इकाई है, जिसे दंगा नियंत्रण, भीड़ प्रबंधन और नागरिक अशांति जैसी परिस्थितियों से निपटने के लिए विशेष प्रशिक्षण दिया जाता है। ऐसे में बल के शीर्ष नेतृत्व द्वारा जवानों को दिया गया यह भरोसा संगठन के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।