सहारनपुर में नहीं थम रहा बुखार का कहर, दादी-पोता समेत चार की मौत, ग्रामीणों में दहशत

 

यूपी के सहारनपुर जिले में बुखार का कहर थम नहीं रहा है। गांव हकीमपुरा में बुखार के चलते दादी और पोते की मौत हो गई। वहीं चकदेवली में एक महिला ने बुखार के चलते दम तोड़ दिया। इसके अलावा गांव सलीरी में भी बुखार से एक छात्रा की मौत हो गई। लगातार हो रही मौतों को लेकर ग्रामीण दहशत में हैं।

बताया गया कि चकदेवली में अभी तक बुखार से करीब सात लोगों की मौत हो चुकी है। हकीमपुरा निवासी कलावती पत्नी रूपचंद और उनके 15 वर्षीय पोते अनिकेत को कई दिन से बुखार था। परिजनों ने दोनों को एक अस्पताल में भर्ती कराया हुआ था। परिजनों ने बताया कि दोनों को पेशाब के रास्ते खून आया, जिसके बाद हालत बिगड़ती चली गई। मंगलवार को दोनों ने दम तोड़ दिया। दादी-पोते की मौत से परिवार में कोहराम मचा हुआ है।

ग्रामीण रजनीश उजाला ने बताया कि गांव में गंदगी है, जिसकी वजह से मच्छर पैदा हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि वर्तमान में गांव में 50 से अधिक लोग बुखार की चपेट में हैं।
उधर, गांव चकदेवली में भी मंगलवार को एक महिला ने बुखार के चलते दम तोड़ दिया। उन्हें जौलीग्रांट में भर्ती कराया गया था, जहां उनकी हालत में सुधार नहीं हुआ। लगातार हो रही मौतों को लेकर ग्रामीण दहशत में हैं।

वहीं चिलकाना क्षेत्र के गांव सलीरी में बुखार ने एक और छात्रा की जान ले ली। गांव सलीरी निवासी मुखत्यार की 20 वर्षीय पुत्री रुखसार को तीन दिन पहले बुखार आया था। परिजनों ने रुखसार को कस्बे के एक डॉक्टर के यहां दिखाया। बुखार से आराम ने मिलने पर परिजन रुखसार को बुधवार की सुबह सहारनपुर एक प्राइवेट डॉक्टर के यहां ले गए। रास्ते में रुखसार को खून की उल्टी हुई और उसके नाक से खून आया। डॉक्टर ने रुखसार को देखकर उसे मृत घोषित कर दिया।

रुखसार के पिता मुखत्यार ने बताया कि रुखसार बीए अंतिम वर्ष की छात्रा थी और पढ़ाई में बहुत होशियार थी। परिजनों ने रुखसार को गमगीन माहौल में सुपुर्द-ए-खाक कर दिया।

ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में जगह-जगह गंदगी के ढेर लगे हैं। गांव में केवल एक ही सफाई कर्मचारी है, जिस कारण पूरे गांव की साफ सफाई नहीं हो पाती है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से गांव में सफाई की उचित व्यवस्था करने की मांग की है।

 
 

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