स्मार्ट मीटर की शिकायतों पर विद्युत आयोग सख्त, पावर कॉरपोरेशन को प्रतिदिन 1 लाख पेनाल्टी का नोटिस

स्मार्ट मीटर की शिकायतों पर विद्युत आयोग सख्त, पावर कॉरपोरेशन को प्रतिदिन 1 लाख पेनाल्टी का नोटिस

उत्तर प्रदेश में स्मार्ट प्रीपेड मीटर को लेकर उपभोक्ताओं की लगातार मिल रही शिकायतों के बाद विद्युत नियामक आयोग ने कड़ा रुख अपनाया है. आयोग ने ठीक से बिजली आपूर्ति ना होने के मामले में पावर कारपोरेशन को प्रति दिन एक लाख रुपए जुर्माना के लिए नोटिस जारी किया है.

नियमों के उल्लंघन पर एक लाख का जुर्माना क्यों न लगे?

आयोग ने इसे स्टैंडर्ड ऑफ परफॉर्मेंस नियमों का उल्लंघन माना है और पावर कॉरपोरेशन के प्रबंध निदेशक (एमडी) को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है. नोटिस में पूछा गया है कि नियमों के उल्लंघन पर एक लाख रुपये प्रतिदिन के हिसाब से जुर्माना क्यों न लगाया जाए? इस मामले में 15 दिनों के अंदर जवाब देने को कहा गया है. स्मार्ट प्रीपेड मीटरों की तमाम खामियों और उपभोक्ताओं की शिकायतों को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पहले ही नाराजगी जताते हुए तकनीकी समिति से जांच कराने के निर्देश दिए थे.

पुराने मीटरों को स्मार्ट मीटर में बदलने की प्रक्रिया रोका गया

जांच के बीच पावर कॉरपोरेशन प्रबंधन ने पुराने मीटरों को स्मार्ट मीटर में बदलने की प्रक्रिया को कुछ समय के लिए रोक दिया था. हालांकि राज्य में अब तक करीब 85 लाख स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं, जिनमें 70 लाख से अधिक प्रीपेड मोड में लगाए गए हैं. नियमों के अनुसार यदि बैलेंस खत्म होने के कारण बिजली कट जाती है, तो रीचार्ज होने के अधिकतम दो घंटे के अंदर कनेक्शन दोबारा जुड़ जाना चाहिए. लेकिन बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं को इससे अधिक समय तक इंतजार करना पड़ा है.

अप्रैल के शुरुआती 10 दिनों में रीचार्ज के 1.93 लाख मामले

कॉरपोरेशन प्रबंधन ने 17 अप्रैल को आयोग को जानकारी देते हुए बताया था कि अप्रैल के शुरुआती 10 दिनों में करीब 1.93 लाख मामलों में रीचार्ज के दो घंटे बाद भी कनेक्शन दुबारा नहीं जुड़ा. इसी आधार पर आयोग ने पावर कॉरपोरेशन से जवाब-सवाल किए हैं.

आयोग अध्यक्ष अरविंद कुमार ने एमडी को भेजे नोटिस में पूछा है कि नियमों के उल्लंघन पर प्रतिदिन एक लाख रुपये की पेनल्टी क्यों न लगाई जाए? आयोग ने साफ किया है कि उपभोक्ताओं को समय पर सेवा देना बिजली कंपनियों की जिम्मेदारी है और इसमें लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.

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