लापरवाही: रोडवेज बस में लाए गए प्रवासी श्रमिकों को रास्ते में उतारा, डीएम ने गृह विभाग को भेजी रिपोर्ट

 

सरकार के निर्देश पर लॉकडाउन में दूसरे राज्यों से फंसे प्रवासी श्रमिकों को रोडवेज बसों से लाया जा रहा है। मथुरा से लाए जा रहे राजस्थान के प्रवासी मजदूरों को रास्ते में उतार दिया गया। डीएम ने बस के चालक, परिचालक और होमगार्ड की लापरवाही मानते हुए गृह विभाग और रोडवेज को पत्र भेजकर कार्रवाई किए जाने की संस्तुति की है।

डीएम जसजीत कौर ने बताया कि राजस्थान के 24 प्रवासियों को जनपद मथुरा से बस द्वारा वहां के डीएम द्वारा शामली भेजा गया था। रोडवेज बस के चालक को स्पष्ट निर्देश दिए गए थे कि सभी प्रवासी को सीधे जनपद शामली में पहुंचाएंगे और किसी को रास्ते में नहीं उतारेंगे। डीएम ने बताया कि यह बस रविवार को शामली पहुंची थी। उन्हें जानकारी मिली कि चालक व संबंधित कर्मचारियों ने कुछ प्रवासियों को रास्ते में ही उतार दिया। डीएम ने इसे गंभीरता से लेते हुए बस के चालक, परिचालक और होमगार्ड के विरुद्ध कार्रवाई किए जाने की संस्तुति करते हुए गृह विभाग और रोडवेज को पत्र भेजा है।

इस संबंध में एआरएम मनोज वाजपेयी ने बताया कि अभी तक यह मामला उनकी जानकारी में नहीं आया है। उधर, बताया गया है कि जो प्रवासी बस से रास्ते में उतरे थे, उनकी तलाश कर कई को क्वारंटीन किया गया, जबकि पांच-छह प्रवासी के मोबाइल पर संपर्क किया जा रहा है, लेकिन वह फोन रिसीव नहीं कर रहे हैं।

दूसरे दिन चार बसों से पहुंचे 19 प्रवासी
सोमवार को दूसरे दिन भी चार बसों से 19 प्रवासी श्रमिक जनपद में पहुंचे हैं। ये सभी प्रवासी राजस्थान में काम करते थे। एक बस में मथुरा से आठ प्रवासी श्रमिकों को लेकर पहुंची। इसके अलावा एक बस में दो, एक में छह और एक बस में तीन प्रवासी शामली जनपद के थे। इसके बाद बस अन्य जनपदों के प्रवासी श्रमिकों को लेकर रवाना हो गई। सभी प्रवासी श्रमिकों की थर्मल स्क्रीनिंग के बाद स्कूल में क्वारंटीन किया गया है।

बताया गया है कि लखनऊ से आई एक बस में प्रवासी श्रमिकों की सूची में जनपद के 14 प्रवासी दिखाए गए थे, लेकिन जब आईडी चेक की गई तो उन 14 में आठ बुलंदशहर जिले के पाए गए। उन्हें उसी बस से बुलंदशहर भेजा दिया गया।

 

 
 

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