दिग्विजिय सिंह का ‘सनातन स्वाभिमा यात्रा’ का ऐलान, कहा- ‘VHP-RSS का विरोधी हूं लेकिन…’
भोपाल। मध्य प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने सनातन धर्म और धार्मिक आस्था से जुड़े मुद्दों को लेकर बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने 20 अक्टूबर 2026 यानी विजयादशमी के दिन उज्जैन से अयोध्या तक ‘सनातन स्वाभिमान यात्रा’ निकालने की घोषणा की है। दिग्विजय सिंह के मुताबिक यह यात्रा उज्जैन के शिवधाम से शुरू होकर अयोध्या के रामधाम तक जाएगी।
दिग्विजय सिंह ने कहा कि यह यात्रा किसी राजनीतिक दल के समर्थन या विरोध में नहीं होगी। इसका उद्देश्य धर्म और आस्था के नाम पर कथित भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाना तथा पारदर्शिता, सत्य, श्रद्धा और सामाजिक सद्भाव का संदेश देना है। उन्होंने लोगों से भी इस यात्रा से जुड़ने की अपील की है।
रामशिला पूजन अभियान का किया जिक्र
यात्रा की घोषणा करते हुए दिग्विजय सिंह ने 1988-89 के रामशिला पूजन अभियान का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि वैचारिक तौर पर वह विश्व हिंदू परिषद और RSS के विरोधी रहे हैं, लेकिन जब भगवान राम का मुद्दा सामने आया तो उन्होंने भी रामशिला पूजन अभियान में हिस्सा लिया था और इसके लिए दान दिया था।
दिग्विजय सिंह ने आरोप लगाया कि बाद में विश्व हिंदू परिषद, संघ और बीजेपी से जुड़े लोगों ने राम मंदिर के नाम पर मिले चंदे और चढ़ावे का कथित तौर पर दुरुपयोग किया। उन्होंने धार्मिक आस्था से जुड़े आर्थिक मामलों में पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग उठाई।
‘शिवधाम से रामधाम’ तक होगी यात्रा
दिग्विजय सिंह ने विजयादशमी के महत्व को भी यात्रा से जोड़ा है। उनका कहना है कि दशहरा अधर्म पर धर्म की विजय का प्रतीक है और इसी भावना के साथ उज्जैन से अयोध्या तक यह यात्रा निकाली जाएगी। यात्रा का ध्येय वाक्य ‘यतो धर्मस्ततो जयः’ रखा गया है।
यात्रा को लेकर दिग्विजय सिंह ने लोगों की भागीदारी के लिए ऑनलाइन पंजीकरण की व्यवस्था भी शुरू की है। उन्होंने अधिक से अधिक लोगों से इसमें शामिल होने की अपील की है।
एमपी की सियासत में बढ़ सकती है हलचल
दिग्विजय सिंह का यह ऐलान ऐसे समय हुआ है, जब मध्य प्रदेश समेत देश की राजनीति में सनातन, राम मंदिर और धार्मिक आस्था से जुड़े मुद्दे लगातार चर्चा में हैं। उज्जैन से अयोध्या तक प्रस्तावित यह यात्रा कांग्रेस की धार्मिक मुद्दों पर रणनीति और दिग्विजय सिंह के राजनीतिक रुख को लेकर भी नई बहस छेड़ सकती है।
