तहसील की समस्याओं को लेकर तीस अप्रैल तक न्यायालयो का होगा बहिष्कार
नकुड 22 अप्रैल इंद्रेश। तहसील कार्यालयों मे व्याप्त भ्रष्टाचार व न्यायालयों मे न्यायिक अनियमितताओं के विरोध में बार ऐसोसिएशन ने न्यायालयो का बहिष्कार करने का निर्णय लिया है। अधिवक्ताओ ने चेताया कि यदि समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन तेज होगा
यंहा तहसील बार कक्ष मे आयोजित बार ऐसोसिएशन की बैठक में अधिवक्ताओं ने आरोप लगाया कि तहसील कार्यालय शोषण का अडडा बन गये है। इसके अलावा न्यायिक अनियमितताओं के कारण आम जन परेशान है। अधिवक्ताओ का आरोप है कि जिन अनुसुचित जाति के व्यक्तियों ने अपनी भूमि का आबादी मे कनवर्जन कराने के बाद विक्रय कर दिया है। ऐसी भूमि पर राजस्व संहिता के प्रावधान लागु ही नंही होते। पंरतु इसके बावजूद तहसील में ऐसे बैनामो का दाखिल खारिज नंही किया जा रहा है। जो किसानो के शोषण को बढावा देता है।
अधिवक्ताओ ने कहा कि राजस्व संहिता की धारा 24 अवैधानिक रूप से अवैध वसूली का जरिया बन गयी है। किसानों की मदद के लिये बनाई गयी इस धारा के किर्यान्वयन जानबूझकर लटकाया जाता ळै। कई कई महिनो तक राजस्व निरिक्षक न्याायालय मे रिपोर्ट ही दाखिल नहंी करतै। अवैध वसूली के लिये इन मामलो को लटकाया जाता है। इसके अलावा सीआरपीसी की धारा 151 के अंतर्गत मुजरिम को न्यायालय में पांच बजे के बाद पेश किया जाता है। उनकी जमानत अवैध ढंग से करायी जाती है। अधिवक्ताओं ने बताया कि विगत सात अप्रैल को उनके प्रतिनिधि मंडल ने उपजिलाधिकारी को समस्याओ से अवगत कराया था। पंरतु अभी तक भी समस्याओं का समाधान नंही निकला है। बैठक मे तहसील के सभी न्यायालयो का आगामी तीस अप्रैल तक बहिष्कार करने का निर्णय लिया गया है।
इस मौके पर बार संघ अध्यक्ष संजय शर्मा सचिव अरविंद खटाना, वरिष्ठ अधिवक्ता उधमसिंह, महीपालसिंह , महावीरसिंह, मोहरचंद राजपालसिंह, अशोक शर्मा, मदनशर्मा, प्रवेश चैधरी, देवेद्र कुमार, अनिरूद्ध शर्मा , राजेश कुमार, आदि अधिवक्ता उपस्थित रहे।
