मिर्जापुर द मूवी के ‘शूरवीर’ गाने पर विवाद, करणी सेना का अल्टीमेटम
New Delhi : फिल्म ‘मिर्जापुर द मूवी’ अब एक गाने को लेकर विवादों में घिर गई है. फिल्म में हिंसक और गैंगस्टर किरदारों से जुड़े दृश्यों के बीच राजस्थान के रैप सिंगर रैपरिया बालम के ‘शूरवीर’ गाने के इस्तेमाल पर विरोध शुरू हो गया है. यह गीत वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की वीरता और शौर्य को समर्पित है.
इसी को लेकर श्री राजपूत करणी सेना ने फिल्म मेकर्स को 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया है. वहीं बीजेपी के वरिष्ठ नेता और पूर्व नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ ने सेंसर बोर्ड के चेयरमैन और सूचना व प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव को पत्र लिखकर गाना हटाने की मांग की है.
करणी सेना अध्यक्ष महिपाल सिंह मकराना बोले- नहीं हटाया तो प्रदर्शन रुकवाएंगे
श्री राजपूत करणी सेना के अध्यक्ष महिपाल सिंह मकराना ने फिल्म में ‘शूरवीर’ गाने के इस्तेमाल पर कड़ा विरोध जताया है. उनका कहना है कि महाराणा प्रताप जैसे वीर महापुरुष को समर्पित गीत को गैंगस्टर और अपराध से जुड़े दृश्यों के साथ जोड़ना स्वीकार नहीं किया जा सकता. करणी सेना ने साफ कहा है कि फिल्म से विवादित हिस्सा नहीं हटाया गया तो 24 घंटे बाद आंदोलन शुरू किया जाएगा और फिल्म का प्रदर्शन रुकवाया जाएगा. महिपाल सिंह मकराना ने कहा है कि उसी तरह का उग्र विरोध प्रदर्शन किया जाएगा, जैसा फिल्म पद्मावत और जोधा अकबर का हुआ था.
मकराना का कहना है कि महाराणा प्रताप राजस्थान ही नहीं, पूरे देश के लिए वीरता, त्याग और स्वाभिमान के प्रतीक हैं. ऐसे महापुरुष को समर्पित गीत को आपराधिक किरदारों के साथ जोड़कर दिखाना समाज की भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला है. उन्होंने फिल्म निर्माताओं से विवादित हिस्से को तत्काल हटाने की मांग की है.
BJP नेता राजेंद्र राठौड़ ने सेंसर बोर्ड को लिखा पत्र
दूसरी तरफ बीजेपी नेता राजेंद्र राठौड़ ने भी इस मामले को गंभीर बताते हुए केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड के चेयरमैन को पत्र भेजा है. राठौड़ ने कहा कि ‘शूरवीर’ गीत को फिल्म में गैंगस्टर और आपराधिक चरित्रों से जुड़े दृश्यों के साथ प्रस्तुत किया गया है. इससे सर्व समाज में विरोध और असंतोष देखने को मिल रहा है। उन्होंने एक पत्र केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव को भी भेजा है.
राठौड़ ने कहा कि महाराणा प्रताप केवल मेवाड़ या राजस्थान के नहीं, बल्कि भारत के गौरव, वीरता, त्याग और स्वाभिमान के महान प्रतीक हैं. उनके सम्मान में बनाए गए गीत को अपराध, हिंसा और गैंग संस्कृति से जोड़ना गीत की मूल भावना को बदलने जैसा है. राठौड़ ने सेंसर बोर्ड से फिल्म से ‘शूरवीर’ गीत के बोल हटाने और भविष्य में उन्होंने ऐतिहासिक महापुरुषों से जुड़े गीतों, प्रतीकों और संदर्भों के ऐसे इस्तेमाल की अनुमति नहीं देने की मांग की है, जिससे लोगों की भावनाएं आहत हों.
राठौड़ ने यह भी कहा कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के नाम पर ऐतिहासिक महापुरुषों और गौरवशाली सांस्कृतिक विरासत के साथ किसी भी तरह की छेड़छाड़ स्वीकार नहीं की जा सकती. उनके मुताबिक फिल्म और मनोरंजन के नाम पर किसी ऐतिहासिक नायक की छवि को अपराध और हिंसा से जोड़ना उचित नहीं है.
24 घंटे के अल्टीमेटम के बाद बढ़ा विवाद
एक तरफ राजेंद्र राठौड़ ने सेंसर बोर्ड के सामने फिल्म के इस हिस्से पर आपत्ति दर्ज कराई है, तो दूसरी तरफ श्री राजपूत करणी सेना ने सीधे फिल्म के प्रदर्शन को रोकने की चेतावनी दी है. ऐसे में ‘शूरवीर’ गाने को लेकर विवाद अब राजनीतिक और सामाजिक विरोध का मुद्दा बनता जा रहा है.
‘मिर्जापुर द मूवी’ के ‘शूरवीर’ गाने को लेकर विवाद का मुख्य सवाल यह है कि महाराणा प्रताप की वीरता को समर्पित गीत को फिल्म के गैंगस्टर और हिंसक दृश्यों के साथ किस संदर्भ में इस्तेमाल किया गया. राजेंद्र राठौड़ ने सेंसर बोर्ड से गाना हटाने की मांग की है, जबकि महिपाल सिंह मकराना के नेतृत्व वाली श्री राजपूत करणी सेना ने 24 घंटे में कार्रवाई नहीं होने पर फिल्म का प्रदर्शन रुकवाने की चेतावनी दी है. अब पूरे मामले में नजर फिल्म मेकर्स और सेंसर बोर्ड के अगले कदम पर है.
