CM योगी बोले- ‘पहले माफिया जमीन कब्जाते थे और पुलिस लाचार…’
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में TechSangam अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में ‘एआई इन कंस्ट्रक्शन’ पुस्तक का अनावरण किया. इस दौरान उन्होंने पहले की सरकारों पर माफियाओं को संरक्षण देने का आरोप लगाया और कहा कि उनकी सरकार में माफियाओं पर सबसे बड़ी कार्रवाई हुई हैं. आज यूपी में निवेश हो रहा है. दस साल पहले ये सब सपने जैसा था.
सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि “आज हम लखनऊ में जैसे बैठे हैं, ये भूमि उस अराजकता का शिकार थी. इस भूमि पर यहां के भू माफिया ने अपने नाम दर्ज करवा लिया था, जहां आज यूपी स्टेट फोरेंसिक साइंसेज इंस्टिट्यूट स्थापित है. कागजों पर हेरफेर करके इसपर उसने अपना नाम दर्ज करवा लिया गया था और दुनिया की सबसे बड़ी सिविल पुलिस मौन बनी रही.
भू-माफियाओं पर हुई सख्त कार्रवाई
सीएम योगी ने कहा कि जब उन्हें डीजीपी ने इसकी जानकारी दी तो उन्होंने फ़ाइल मँगवाई. भू माफिया के सामने दुनिया की सबसे बड़ी सिविल पुलिस लाचार थी. इसके बाद उन्होंने जांच बिठाई और फिर एफआईआर कराई. वो माफिया हाईकोर्ट गया तो फिर दूसरी एफआईआर कराई, जिसके बाद वो सरेंडर हो गया और कहने लगा कि मुझे बख्श दीजिये और आज हम यहां इस महत्वपूर्ण विषय को लेकर बैठे हैं, इस इंस्टीट्यूट को यह अवसर मिल रहा है.
अतीक अहमद का नाम लिए बिना मुख्यमंत्री ने कहा कि एक माफिया ने 1980 में पहला अपराध किया. 2017 में जब हमने उनपर शिकंजा कसना शुरू किया तो उसको यहां से ट्रांसफर करके पंजाब भेज दिया गया. पंजाब से उसे यहां लाने में मुझे 3 साल लग गए, सुप्रीम कोर्ट में लड़ाई लड़ी. फिर जब उसे सजा करवाने के सारे साक्ष्य प्रस्तुत कर दिए गए तो हमसे पूछा गया कि सुरक्षा की क्या गारंटी होगी.
5 गीगा वाट डेटा सेंटर बनेगा
42 वर्ष के बाद उस माफिया को सज़ा हो पाई! सोचिए, 1980 में जिसके साथ अपराध हुआ होगा, वो जीवित नही रहा होगा. सीएम योगी ने कहा कि हमारा विजन है कि हम 2030 तक उत्तरप्रदेश में 5 गीगा वाट डेटा सेंटर की क्षमता विकसित करने की ओर बढ़ें. इसके लिए हमने उत्तरप्रदेश में 5 बड़े डाटा सेंटर क्लस्टर का सशक्त नेटवर्क तैयार करने की दिशा में कार्यवाही आगे बढ़ाई है.
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि लखनऊ के एयरपोर्ट के पास एक लैंड पर माफिया ने कब्जा कर लिया. वो फाइल हमने ले ली. फिर मैंने जिस अधिकारी ने ये लैंड अलॉट किया था उस पर जांच बिठाई, कारवाई की तो उसने सरेंडर कर दिया और लैंड दे दिया. इसी जगह पर आज ये संस्थान खड़ा है और ये सम्मेलन हो रहा है.
यूपी में 12 फॉरेंसिक साइंस के लैब बनीं
पहले यूपी में सिर्फ एक फॉरेंसिंक लैब थी. फिर हमने 18 के 18 रेंज में लैब बनाने के निर्देश दिए. आज हमारे 12 फॉरेंसिक साइंस के लैब तैयार है और 6 पर काम चल रहा है. 150 से अधिक फॉरेंसिक वैन है. अब कोई अपराधी नहीं बच सकेगा. न्याय के लिए सालों इंतजार नहीं करना पड़ेगा.
आज हमारे पास युवाओं की फौज है, वो प्रतिभाशाली और ऊर्जावान हैं. 50 लाख करोड़ के निवेश के प्रस्ताव हैं. 2017 से पहले बिजली चेहरा देखकर पहुंचती थी, पर आज सबको बिजली मिल रही है. पहले यूपी एक बीमारू राज्य था. 7 सालों से यूपी रेवेन्यू सरप्लस राज्य बन गया है.
