‘मेरी हत्या कराना चाहते थे अखिलेश यादव’, संगीत सोम का सपा चीफ पर आरोप
बीजेपी नेता और पूर्व विधायक संगीत सोम ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर गंभीर आरोप लगाए हैं. संगीत सोम ने दावा किया कि मुजफ्फरनगर दंगों के दौरान आवाज उठाने पर उन्हें फर्जी मुकदमों में जेल भेजा गया और एक जेल से दूसरी जेल में स्थानांतरित कर अकेले रखा गया. उन्होंने आरोप लगाया कि उस समय उन्हें बताया गया था कि उनकी हत्या कराने की कोशिश हो सकती है. संगीत सोम ने कहा कि अगर जनता का साथ नहीं मिलता तो अखिलेश यादव उनकी हत्या करा देते.
पूर्व विधायक संगीत सोम ने अपने पुराने अनुभवों का जिक्र करते हुए कहा कि मुजफ्फरनगर दंगों के दौरान जब उन्होंने आवाज उठाई तो तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की सरकार ने उनके खिलाफ फर्जी मुकदमे दर्ज कराकर उन्हें जेल भेजने का काम किया. उन्होंने दावा किया कि मुजफ्फरनगर जेल ले जाने के करीब दो घंटे बाद ही उन्हें दूसरी जेल में स्थानांतरित कर दिया गया और पूरी रात जंगलों में घुमाया गया.
पूरी जेल खाली कराकर मुझे अकेला रखा गया- संगीत सोम
बीजेपी नेता ने आरोप लगाया कि उन्हें उरई जेल में ट्रांसफर किए जाने के बाद वहां की पूरी जेल खाली करा दी गई थी. संगीत सोम ने इस मामले की जांच कराने की मांग करते हुए सवाल उठाया कि आखिर पूरी जेल खाली क्यों कराई गई और दूसरे कैदियों को वहां से क्यों भेजा गया.
उन्होंने कहा कि जेल में मौजूद कुछ अधिकारियों ने उन्हें आगाह किया था कि उनकी हत्या कराने की कोशिश हो सकती है, इसलिए उन्हें अकेले रखा गया है. संगीत सोम के मुताबिक, इसके बाद उन्होंने अपने लोगों तक संदेश पहुंचाया. अगले दिन खेड़ा में महापंचायत हुई, जिसमें बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतरे.
संगीत सोम ने दावा किया कि महापंचायत के दौरान प्रदर्शनकारियों पर सीधे गोली चलाई गई थी. उन्होंने कहा कि उस समय जनता उनके समर्थन में खड़ी हुई और लोगों ने चेतावनी दी थी कि अगर उत्तर प्रदेश में संगीत सोम की हत्या हुई तो सरकार को पलटने का काम किया जाएगा.
बीजेपी नेता ने कहा कि उस दौर की घटनाओं को याद करके आज भी वह सहम जाते हैं. उन्होंने दोहराया कि अगर जनता का साथ नहीं मिला होता तो उनकी हत्या हो सकती थी. संगीत सोम ने यह भी कहा कि जब एक इंटरव्यू में उनसे इस संबंध में सवाल पूछा गया था, तब भी उन्होंने यही आरोप लगाया था.
सपा-कांग्रेस के बीच सीटों की लड़ाई पर भी बोले संगीत सोम
संगीत सोम ने उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के बीच सीटों के बंटवारे को लेकर चल रही खींचतान पर भी टिप्पणी की. उन्होंने कहा कि दोनों दलों के बीच विवाद केवल सीटों का नहीं, बल्कि नेतृत्व और राजनीतिक वर्चस्व का है. असली सवाल यह है कि अखिलेश यादव और राहुल गांधी में से बड़ा नेता कौन है. उन्होंने दावा किया कि अखिलेश यादव कांग्रेस को बराबर सीटें देकर खुद को कमजोर नहीं दिखाना चाहते.
संगीत सोम ने कहा कि कांग्रेस खुद को राष्ट्रीय पार्टी मानती है और उसका तर्क है कि कई राज्यों में उसकी सरकारें हैं. ऐसे में कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के बीच बराबरी की लड़ाई स्वाभाविक है. उन्होंने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव उत्तर प्रदेश में कांग्रेस को कमजोर करना चाहते हैं. संगीत सोम ने कहा कि आने वाले समय में दोनों नेताओं के बीच वर्चस्व की लड़ाई और तेज हो सकती है.
लड़ाई सीटों की नहीं, नेतृत्व की है- संगीत सोम
संगीत सोम ने कहा कि सपा और कांग्रेस के बीच सीटों का बंटवारा बराबरी के आधार पर होना चाहिए, लेकिन अखिलेश यादव इसके लिए तैयार नहीं होंगे. उन्होंने दावा किया कि दोनों दलों के बीच असली संघर्ष इस बात को लेकर है कि भविष्य में विपक्ष की राजनीति का नेतृत्व कौन करेगा और प्रधानमंत्री पद का दावेदार कौन बनेगा.
बीजेपी नेता ने राहुल गांधी और अखिलेश यादव के बीच संभावित नेतृत्व संघर्ष का जिक्र करते हुए कहा कि मौजूदा विवाद को केवल सीटों की लड़ाई के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए. उनके मुताबिक, यह विपक्षी गठबंधन में वर्चस्व स्थापित करने की राजनीतिक लड़ाई है.
