यूपी में 30 जनवरी तक इस ब्रांड के कपड़ों पर 25% का डिस्काउंट, सीएम ने खुद किया ऐलान
गांधी जयंती पर प्रदेश में खादी के वस्त्रों पर 30 जनवरी 2027 तक 25 फीसदी छूट मिलेगी. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को इसकी जानकारी देते हुए प्रदेशवासियों से खादी को अपने जीवन का हिस्सा बनाने की अपील की. उन्होंने कहा कि खादी केवल वस्त्र नहीं, बल्कि स्वदेशी का मंत्र है. इसे अपनाकर कारीगरों, हस्तशिल्पियों और बुनकरों के हुनर को सम्मान दिया जा सकता है.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार को महात्मा गांधी की 157वीं और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की 122वीं जयंती पर आयोजित कार्यक्रमों में शामिल हुए. हजरतगंज स्थित गांधी आश्रम में उन्होंने बापू के स्वदेशी, स्वच्छता और ग्राम स्वराज के विचारों को याद किया. इसके बाद लाल बहादुर शास्त्री भवन में शास्त्री जी को श्रद्धांजलि अर्पित की. दोनों स्थानों पर उन्होंने पत्रकारों से भी बातचीत की.
बापू ने बिखरे आंदोलन को जन आंदोलन बनाया
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि दक्षिण अफ्रीका में महात्मा गांधी ने अन्याय, शोषण और रंगभेद के खिलाफ आवाज उठाई. भारत लौटने के बाद उन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन को लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से नेतृत्व देकर जन आंदोलन बना दिया. गांव-गांव के लोग इससे जुड़े और ब्रिटिश हुकूमत को भारत छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ा.
उन्होंने कहा कि बापू के स्वच्छता, स्वदेशी और आत्मनिर्भरता के विचार आज भी प्रासंगिक हैं. चरखा आत्मनिर्भरता का प्रतीक है. बापू का स्वदेशी से स्वावलंबन का मंत्र ही विकसित भारत की आधारशिला बनेगा. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ‘लोकल टू ग्लोबल’ का आह्वान इसी सोच को आगे बढ़ा रहा है. स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहित कर कारीगरों, हस्तशिल्पियों और बुनकरों को बाजार उपलब्ध कराना होगा.
ग्राम सचिवालयों से ग्राम स्वराज की परिकल्पना को मजबूती
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वच्छ भारत अभियान के तहत देशभर में बने करोड़ों शौचालय अच्छे स्वास्थ्य के साथ नारी सम्मान का आधार बने हैं. इसी तरह ग्राम सचिवालयों की स्थापना से बापू की ग्राम स्वराज की परिकल्पना को आगे बढ़ाया जा रहा है. लोगों को गांव में ही जन सुविधाएं मिलने के साथ रोजगार के अवसर भी मिल रहे हैं. उन्होंने कहा कि जो समाज अपने पूर्वजों के प्रति कृतज्ञ रहता है, उसका भविष्य उज्ज्वल होता है.
शास्त्री जी ने जो कहा, उसे करके दिखाया
लाल बहादुर शास्त्री को नमन करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वह जितने सरल और सहज थे, उतने ही दृढ़ और संघर्षशील भी थे. उन्होंने जो कहा, उसे करके दिखाया और जितना किया, उतना ही बोला. देश पर संकट आया तो उन्होंने दिखाया कि राष्ट्र की रक्षा के लिए किस तरह दृढ़ता के साथ खड़ा हुआ जाता है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि शास्त्री जी का ‘जय जवान, जय किसान’ नारा स्वाधीन भारत का मंत्र बना. एक तरफ जवान सीमाओं पर देश की रक्षा कर रहे थे तो दूसरी तरफ किसान भारत को खाद्यान्न में आत्मनिर्भर बनाने में जुटे थे. कभी देश को खाद्यान्न के लिए दूसरे देशों पर निर्भर रहना पड़ता था. आज भारत अपने 140 करोड़ नागरिकों की जरूरत पूरी करने के साथ दुनिया के कई देशों को खाद्यान्न की आपूर्ति कर रहा है.
सीएम ने की खरीददारी
वहीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती पर हजरतगंज स्थित गांधी आश्रम पहुंचे. उन्होंने यहां आयोजित कार्यक्रम में हिस्सा लेने के साथ ही खादी उत्पाद खरीदा. मुख्यमंत्री ने भगवा रंग का गमछा खरीदा और इसका भुगतान किया. सीएम ने गांधी आश्रम में विभिन्न खादी उत्पादों को देखा और उनके बारे में जानकारी भी ली. उन्होंने वहां आए लोगों को खादी खरीदने के लिए प्रेरित किया.
इससे पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 157वीं जयंती पर उनके प्रति श्रद्धा निवेदित की. मुख्यमंत्री ने जीपीओ स्थित राष्ट्रपिता की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित किए. इस अवसर पर स्कूली बच्चों ने ‘रघुपति राघव राजा राम’, ‘वह शक्ति हमें दो दयानिधे’, ‘वैष्णव जन तो तेने कहिए’ आदि भजनों/गीतों पर संगीतमयी प्रस्तुति दी. मुख्यमंत्री ने भजनों का श्रवण किया.
मुख्यमंत्री ने दी ‘अंतरराष्ट्रीय अहिंसा दिवस’ की शुभकामना
मुख्यमंत्री ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती पर प्रदेशवासियों को ‘अंतरराष्ट्रीय अहिंसा दिवस’ की शुभकामनाएं दीं. उन्होंने अपने सोशल मीडिया अकाउंट ‘एक्स’ पर लिखा कि सत्य और अहिंसा के मार्ग पर चलकर संपूर्ण विश्व को स्वदेशी व अहिंसा के माध्यम से स्वाधीनता का संदेश देने वाले, राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी की पावन जयंती पर कोटिश: नमन. प्रदेशवासियों को ‘अंतरराष्ट्रीय अहिंसा दिवस’ की शुभकामनाएं.
सीएम ने लिखा कि बापू के आदर्श, सादगी और विचार आज भी हम सभी को आत्मनिर्भर एवं विकसित भारत के निर्माण में निरंतर मार्गदर्शन प्रदान कर रहे हैं.
