चंद्रशेखर आजाद ने खत्म किया धरना, PM मोदी से बोले- ‘कानून लाइए, लेकिन पहले धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा हो’

चंद्रशेखर आजाद ने खत्म किया धरना, PM मोदी से बोले- ‘कानून लाइए, लेकिन पहले धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा हो’
नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद

नई दिल्ली। नगीना से सांसद और आज़ाद समाज पार्टी (कांशीराम) के प्रमुख चंद्रशेखर आजाद ने अपना धरना समाप्त करने का ऐलान कर दिया है। इससे पहले सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने भी अपना अनशन खत्म किया था। धरना समाप्त करने के बाद चंद्रशेखर आजाद ने एक वीडियो संदेश जारी कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से छात्रों की मांगों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने की अपील की। उन्होंने सरकार को 15 दिनों का समय देते हुए कहा कि सबसे पहले केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना चाहिए और छात्रों पर लाठीचार्ज करने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।

चंद्रशेखर आजाद ने प्रधानमंत्री के छात्रों और अभिभावकों के नाम दिए गए संदेश पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सरकार यदि परीक्षा व्यवस्था को लेकर नया कानून लाना चाहती है तो उसका स्वागत है, लेकिन केवल कानून बनाने से समस्या का समाधान नहीं होगा। उन्होंने कहा कि सबसे पहले जिम्मेदारी तय होनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाने चाहिए। साथ ही शिक्षा मंत्री के इस्तीफे और लाठीचार्ज में शामिल पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई को उन्होंने पहली शर्त बताया।

‘कानून बनाइए, लेकिन उसे लागू भी कीजिए’

वीडियो संदेश में चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री का फेसबुक लाइव देखा, जिसमें उन्होंने नीट परीक्षा और पेपर लीक के मुद्दे पर अपनी बात रखी। उनके मुताबिक यह छात्रों के आंदोलन की ताकत है कि सरकार को इस विषय पर खुलकर बोलना पड़ा। उन्होंने कहा कि यदि सरकार फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाना चाहती है तो इसमें कोई बाधा नहीं है, लेकिन असली सवाल यह है कि कानून को प्रभावी ढंग से लागू कौन करेगा। केवल कानून बना देने से व्यवस्था में सुधार नहीं आएगा।

उन्होंने दोहराया कि सरकार को सबसे पहले धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा सुनिश्चित करना चाहिए और उन पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई करनी चाहिए जिन्होंने प्रदर्शन के दौरान छात्राओं और छात्रों पर लाठीचार्ज किया। उनका कहना था कि सरकार चाहे एक दिन में फैसला करे या 15 दिन में, लेकिन इन मांगों को स्वीकार करना ही होगा।

15 दिन का अल्टीमेटम, देशभर में आंदोलन की चेतावनी

चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि लगातार संघर्ष के बावजूद छात्रों का आंदोलन जारी रहना चाहिए, क्योंकि इसी दबाव के कारण सरकार को अपनी प्रतिक्रिया देनी पड़ी है। उन्होंने दावा किया कि यदि सरकार 15 दिनों के भीतर छात्रों की मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं करती है तो देशभर में व्यापक विरोध प्रदर्शन किए जाएंगे।

उन्होंने युवाओं से जिला मुख्यालयों पर शांतिपूर्ण और प्रभावी कार्यक्रम आयोजित करने की अपील करते हुए कहा कि किसी भी कीमत पर छात्रों का भविष्य बर्बाद नहीं होने दिया जाएगा। साथ ही उन्होंने परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार की भी मांग दोहराई।

PM मोदी ने दिया था भरोसा

गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार देर रात फेसबुक लाइव के जरिए नीट परीक्षा को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों और उनके अभिभावकों को संबोधित किया था। उन्होंने भरोसा दिलाया कि पेपर लीक जैसी घटनाओं पर सख्त कार्रवाई के लिए सरकार कठोर कदम उठाएगी। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि इस संबंध में तैयार किए गए मसौदे को शुक्रवार को कैबिनेट बैठक में रखा जाएगा।