‘अमित शाह के नौकर की तरह बर्ताव कर रहे CEC’ TMC मामले पर संजय राउत का तीखा हमला
भारत निर्वाचन आयोग द्वारा पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस के नाम और उसके चिन्ह के इस्तेमाल के रोक लगाने के अंतरिम आदेश पर सियासत तेज हो गई है. शिवेसना (उद्धव बाला साहेब ठाकरे) के नेता और राज्यसभा सांसद संजय राउत ने कहा कि पार्टी की स्थापना ममता ने की थी और वह उनकी पार्टी है. उन्होंने आरोप लगाया कि गृह मंत्री अमित शाह ममता की पार्टी तोड़ दी. उन्होंने कहा कि पार्टी और चुनाव चिन्ह बागी गुट को देना सैकड़ों करोड़ का घोटाला है.
राउत ने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त अमित शाह के घरेलू नौकर की तरह बर्ताव करने लगे हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि भारत निर्वाचन आयोग, लालच का शिकार हो रहा है.
निर्वाचन आयोग ने किया घोटाला- संजय राउत
निर्वाचन आयोग के अंतरिम आदेश पर राउत ने कहा ‘TMC को ममता बनर्जी ने अपनी मेहनत, लगन और संघर्ष से बनाया है. तृणमूल कांग्रेस ने राज्य और देश की राजनीति में अहम योगदान दिया है. जैसे शिवसेना बालासाहेब ठाकरे की है, वैसे ही तृणमूल कांग्रेस ममता बनर्जी की है और नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी शरद पवार की है.’
राज्यसभा सांसद ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर दीया जलाने से लोकतंत्र नहीं बचेगा.
महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे की अगुवाई वाली शिवसेना को तीर धनुष चुनाव चिन्ह देने पर राउत ने यह भी कहा कि शिवसेना पार्टी और चुनाव चिन्ह बागियों को दिया, यह आयोग का घोटाला है.
उधर, आयोग के अंतरिम आदेश के बीच दोनों गुटों ने भारत निर्वाचन आयोग को पत्र भेजे हैं. ममता बनर्जी गुट ने कल रात चुनाव आयोग को पत्र भेजकर अपने गुट के लिए एक नाम और चुनाव चिह्न के लिए तीन नामों का सुझाव दिया. वहीं, अरूप रॉय गुट ने आज सुबह चुनाव आयोग को पत्र भेजकर पार्टी के लिए नामों और चिह्न का सुझाव दिया. चुनाव आयोग आज दोनों गुटों के नामों और चिह्नों पर फैसला ले सकता है.
