टूटा पांच साल का रिकॉर्ड, हथिनी कुंड से छोड़ा गया सबसे अधिक पानी, दिल्ली में आ सकती ‘आफत’

टूटा पांच साल का रिकॉर्ड, हथिनी कुंड से छोड़ा गया सबसे अधिक पानी, दिल्ली में आ सकती ‘आफत’

बारिश से हरियाणा और पंजाब में बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए हैं। दो दिन से पहाड़ों में हो रही तेज बारिश ने हथिनी कुंड बैराज पर यमुना का जलस्तर खतरे के निशान से बहुत ऊपर कर दिया है।

हथिनी कुंड बैराज पर यमुना नदी के जलस्तर ने रिकॉर्ड तोड़ दिया है। शाम 5:00 बजे तक हथिनी कुंड बैराज पर यमुना नदी का जलस्तर 814000 दर्ज किया गया।

वहीं यमुनानगर में यमुना के किनारे बसे चार गांवों में पानी घुस गया है। प्रशासन ने यमुनानगर, करनाल, पानीपत और सोनीपत में अलर्ट जारी किया। बैराज से पानी छोड़े जाने के 72 घंटे बाद दिल्ली में बाढ़ जैसे हालात पैदा हो सकते हैं। हथिनी कुंड बैराज से अब तक 7 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा जा चुका है जो पिछले 5 सालों मैं सबसे अधिक है।

संभावना है कि आज देर रात या कल सुबह यमुना के तटवर्ती गांवों में पानी पहुंच सकता है। 2014 में करीब 600000 क्यूसेक पानी छोड़ा गया था जिससे कई गांव में बाढ़ के हालात बने थे और फसलें नष्ट हुई थी।

रेलवे ट्रैक धंसा, यातायात प्रभावित
यमुनानगर में बारिश ने आफत मचा रखा है। पिछले 16 घंटों से हो रही लगातार बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त है। शहर में लोगों के घरों तक पानी घुस गया है। मदद के लिए लोग फेसबुक और व्हाट्सएप ग्रुप में गुहार लगा रहे हैं। वहीं दुसाने गांव के पास रेल की पटरी धंसने के कारण गाड़ियों का आवागमन रुक गया है। पूरे यमुनानगर में इंटरनेट सेवा के साथ बस और रेल यातायात प्रभावित है। वहीं 50 से अधिक गांवों का जिला मुख्यालय से संपर्क कट चुका है।

ज बारिश के कारण खुरदी के पास वाली पूलिया भी टूट गई है। हरियाणा में आने वाली पश्चिमी यमुना नहर को बंद कर दिया गया है सारा पानी करनाल, पानीपत, सोनीपत और दिल्ली की तरफ भेजा जा रहा है। यह पानी दिल्ली में पहुंचते ही आफत मचा सकता है। वहीं हरियाणा के चारों जिलों में यमुना तटों पर बसे गांवों खाली कराने का आदेश जारी कर दिया गया है। यमुना के अलावा हरियाणा में सोम और पथराला नदी भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है।

हरियाणा में ऑरेंज अलर्ट के बीच अगले 48 घंटों में 7 से 14 सेंटीमीटर तक बारिश की संभावना है। सोमवार से मानसून के सुस्त पड़ने के आसार हैं। शनिवार को मानसून ने रफ्तार पकड़ी तो पूरे प्रदेश में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। सबसे अधिक 90 एमएम बारिश करनाल में दर्ज की गई। धान की फसल के लिए यह बारिश फायदेमंद मानी जा रही है।

चंडीगढ़ मौसम केंद्र ने ऑरेंज अलर्ट जारी कर हरियाणा के उत्तरी जिलों में रविवार को भारी बारिश की संभावना जताई है। इस दौरान यमुना नदी क्षेत्र में भी भारी बारिश हो सकती है। प्रदेश के शेष जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है।

शनिवार को मानसून सक्रिय हुआ तो अंबाला, नारनौल समेत कई जिलों में आर्द्रता 80 से बढ़कर 100 प्रतिशत तक पहुंच गई। बारिश के लिए माहौल अनुकूल होने पर करनाल में 90 एमएम, नारनौल में 24 एमएम, अंबाला-फतेहाबाद में 13-13 एमएम, कैथल में 12 एमएम, चंडीगढ़ में 6.7 एमएम, हिसार में 6 एमएम, महेंद्रगढ़ में 5 एमएम, भिवानी में 3 एमएम बारिश हुई।

उम्मीद के मुताबिक बारिश से किसानों के चेहरे भी खिल गए। वैज्ञानिकों के अनुसार यह बारिश धान समेत अन्य फसलों के लिए भी फायदेमंद रहेगी। हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के मौसम विभाग के अनुसार 19 अगस्त तक मौसम परिवर्तनशील रहेगा। इस दौरान बीच-बीच में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है।

आज इन जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट 
पंचकूला, अंबाला, यमुनानगर, कुरुक्षेत्र, कैथल और करनाल  के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।

रात का तापमान 24.2 डिग्री तक लुढ़का
बारिश के बाद अंबाला में रात का तापमान 24.2 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया। वहीं गुरुग्राम में पारा लुढ़ककर 28.6 डिग्री सेल्सियस तक आ गया है। आलम यह है कि लोग रात को सोते वक्त चादर-कंबल ओढ़ रहे हैं।

पंजाब में भी उफान पर नदियां
हिमाचल प्रदेश और पंजाब में लगातार हो रही बारिश के चलते भाखड़ा डैम में लगातार भारी मात्रा में पानी की आमद दर्ज की जा रही है। शनिवार को दूसरे दिन भी भाखड़ा डैम के फ्लड गेट खुले रहे। सतलुज नदी के किनारे स्थित कई गांवों के खेतों में पानी घुसने से फसल बर्बाद हो गई और एलग्रां से बेलाध्यनी की और जाने वाली संपर्क सड़क भी पानी की भेंट चढ़ गई जिससे कुछ गांवों का संपर्क आपस में कट गया।

वहीं रोपड़ हेडवर्क से एक लाख 89 हजार क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए हैं। जालंधर के उपायुक्त वरिंदर कुमार शर्मा ने सब डिवीजनल मजिस्ट्रेट फिल्लौर, नकोदर और शाहकोट को 81 बाढ़ प्रभावित गांवों को खाली करने का आदेश दिया है।

नंगल से निकलने वाली नंगल हाइडल नहर में 12500 क्यूसेक, श्री आनंदपुर साहिब हाइडल में 10150 जबकि नंगल डैम से सतलुज दरिया की तरफ 30 हजार क्यूसेक से अधिक पानी छोड़ा जा रहा है। इससे उपमंडल नंगल और श्री आनंदपुर साहिब के अधीन सतलुज नदी के किनारे आते विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों में बाढ़ के हालात पैदा हो गए हैं।

श्री आनंदपुर साहिब के नजदीक दर्जनों गांव में घुसा पानी
लगातार हो रही मूसलाधार बारिश और भाखड़ा डैम में पानी की आमद बढ़ने से खोले गए फ्लड गेटों से श्री आनंदपुर साहिब के नजदीक सतलुज दरिया के किनारे बसे दर्जनों गांव में पानी भर गया है। गांव लोदीपुर, बुरज, गज्जपुर, हरीवाल, चंदपुर, मैंहदली कलां में पानी के कारण खड़ी फसल बर्बाद हो गई। इसके अलावा लोगों के घरों में पानी घुस गया। गांवों को आपस में जोड़ने वाली लिंक सड़कों तक पानी भर गया।

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