BRICS डिनर के वेज मेन्यू पर सियासी घमासान, राहुल गांधी के बयान पर BJP का पलटवार

BRICS डिनर के वेज मेन्यू पर सियासी घमासान, राहुल गांधी के बयान पर BJP का पलटवार

नई दिल्ली: राजधानी नई दिल्ली में आयोजित 18वें BRICS शिखर सम्मेलन के सफल समापन के बाद अब गाला डिनर के मेन्यू को लेकर देश में सियासी बहस छिड़ गई है। विदेशी मेहमानों के लिए आयोजित डिनर में पूरी तरह शाकाहारी व्यंजन परोसे जाने को लेकर कांग्रेस और बीजेपी के नेता आमने-सामने आ गए हैं। कांग्रेस नेताओं ने सरकार पर खान-पान की पसंद थोपने का आरोप लगाया, तो बीजेपी ने इसे भारत की समृद्ध शाकाहारी परंपरा और संस्कृति का हिस्सा बताया।

राहुल गांधी ने वेज मेन्यू पर कसा तंज

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि जानकारी के लिए बता दें कि भारत में बड़ी संख्या में लोग मांसाहारी भोजन करते हैं। उन्होंने भारतीय नॉन-वेज खाने की तारीफ करते हुए अपनी बहन के छोले-भटूरे का भी जिक्र किया।

राहुल गांधी की यह टिप्पणी BRICS सम्मेलन के दौरान विदेशी नेताओं के लिए आयोजित गाला डिनर के एक दिन बाद सामने आई। इसके बाद यह मुद्दा तेजी से राजनीतिक बहस का विषय बन गया।

पवन खेड़ा ने भी सरकार पर साधा निशाना

कांग्रेस के राज्यसभा सांसद पवन खेड़ा ने भी वेजिटेरियन मेन्यू को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी अपनी खान-पान की प्राथमिकताओं को दूसरों पर थोपने की कोशिश करती रही है और अब कथित तौर पर अंतरराष्ट्रीय मेहमानों के सामने भी ऐसा किया जा रहा है।

पवन खेड़ा ने कहा कि भारत विविध संस्कृतियों और खान-पान की परंपराओं वाला देश है और भारतीय नॉन-वेज व्यंजन दुनियाभर में लोकप्रिय हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि सरकार भारत की इस विविधता को दुनिया के सामने क्यों नहीं रखना चाहती।

महुआ मोइत्रा ने भी मेन्यू पर किया कटाक्ष

तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा ने भी गाला डिनर के मेन्यू पर मजाकिया अंदाज में प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सुझाव दिया कि BRICS देशों के नेताओं को इस मेन्यू को छोड़कर दिल्ली के मशहूर करीम से बर्रा कबाब मंगवाने की सलाह दी जा सकती है।

उनकी इस टिप्पणी के बाद सोशल मीडिया पर भी डिनर के मेन्यू को लेकर चर्चा तेज हो गई।

किरेन रिजिजू ने राहुल गांधी को दिया जवाब

कांग्रेस के आरोपों पर बीजेपी ने पलटवार किया। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि उन्हें विश्वास नहीं हो रहा कि कांग्रेस पार्टी BRICS देशों के नेताओं को परोसे गए खाने के मेन्यू पर भी राजनीति कर रही है।

रिजिजू ने कहा कि विदेशी मेहमानों ने भारतीय शाकाहारी भोजन का आनंद लिया। उनके मुताबिक मेन्यू में स्वाद, पोषण और देश के अलग-अलग हिस्सों की पाक परंपराओं की झलक शामिल थी। उन्होंने इसे भारत की संस्कृति और विविधता का प्रतिनिधित्व करने वाला भोजन बताया।

रामदास आठवले बोले- सम्मेलन का मुद्दा भोजन नहीं

केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले ने भी राहुल गांधी के बयान पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी नॉनवेज खाते होंगे, लेकिन BRICS सम्मेलन का मुद्दा नॉनवेज या वेज खाने का नहीं है।

आठवले के मुताबिक BRICS सम्मेलन में सदस्य देशों के नेताओं ने आपसी सहयोग, समर्थन और साझेदारी पर जोर दिया और सम्मेलन सफल रहा। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी चाहे जो टिप्पणी करें, लेकिन इस पूरे मामले को केवल खाने के मुद्दे तक सीमित करना उचित नहीं है।

वारिस पठान और बीजेपी प्रवक्ता भी आमने-सामने

AIMIM नेता वारिस पठान ने भी वेज मेन्यू को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि मेन्यू में मटन और चिकन जैसे व्यंजन नजर नहीं आए और ऐसे अंतरराष्ट्रीय आयोजनों में भारतीय व्यंजनों की पूरी विविधता दिखाई जानी चाहिए।

वहीं बीजेपी प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने विपक्ष पर पलटवार करते हुए कहा कि अगर विपक्ष के पास BRICS सम्मेलन की आलोचना करने के लिए केवल फूड मेन्यू ही बचा है, तो इससे सम्मेलन की सफलता का अंदाजा लगाया जा सकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष भारत को वैश्विक स्तर पर मजबूत भूमिका में उभरता देखकर परेशान है।

BRICS गाला डिनर में क्या-क्या परोसा गया?

भारत मंडपम में BRICS मेहमानों के लिए आयोजित गाला डिनर में भारत की अलग-अलग क्षेत्रीय पाक परंपराओं को आधुनिक अंदाज में पेश किया गया। पूरा मेन्यू शाकाहारी रखा गया था और इसमें देश के विभिन्न हिस्सों के पारंपरिक स्वादों को शामिल किया गया।

स्टार्टर में ये व्यंजन रहे खास

डिनर की शुरुआत खंडवी मिले-फॉय से हुई। इसमें बेसन से बनी स्टीम्ड खंडवी को सरसों, नारियल और करी पत्ते के तड़के के साथ पेश किया गया। इसके साथ केसर आम, माइक्रोग्रीन्स और योगर्ट ड्रेसिंग का इस्तेमाल किया गया।

इसके अलावा खुंब गलौटी भी मेहमानों को परोसी गई। इसमें मशरूम कबाब को हल्का ग्रिल करके मिंट पर्ल्स और शीरमल ब्रेड के साथ प्रस्तुत किया गया।

मुख्य भोजन में दिखी भारत की विविधता

मुख्य भोजन में पनीर लबाबदार, गुच्छी मार्मिक, कैरट बीन पोरियाल, ठक्काली बेले सारू, मिलेट पुलाव और बीटरूट रायता जैसे व्यंजन शामिल थे। इसके साथ अलग-अलग प्रकार की भारतीय रोटियां भी परोसी गईं।

गुच्छी मार्मिक में हिमालयी गुच्छी मशरूम और एस्पेरेगस का इस्तेमाल किया गया था, जिसे केसर, किशमिश और ममरा बादाम के साथ तैयार किया गया।

डेजर्ट में पुरानी दिल्ली का स्वाद

डिनर के अंत में मेहमानों को ओल्ड दिल्ली फ्रूट क्रीम विद जलेबी परोसी गई। इसमें मौसमी फलों और हल्की व्हिप्ड क्रीम के साथ कुरकुरी जलेबी को शामिल किया गया।

इसके साथ शहतूत फिरनी भी परोसी गई, जिसे दूध और चावल को धीमी आंच पर पकाकर तैयार किया गया था और शहतूत तथा गोल्ड लीफ से सजाया गया।

इस तरह BRICS गाला डिनर का मेन्यू केवल भोजन तक सीमित नहीं था, बल्कि इसमें भारत के अलग-अलग राज्यों और क्षेत्रों की पाक परंपराओं को आधुनिक प्रस्तुति के साथ दुनिया के सामने रखने की कोशिश की गई। हालांकि, डिनर के वेजिटेरियन मेन्यू ने अब देश में एक नई राजनीतिक बहस को जरूर जन्म दे दिया है।

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